नो टेंशन इन एग्जाम मौसम

       


                                    एक समय था जब मुझे भी परीक्षा का मौसम शुरू होते ही बहुत तनाव होता था ये चेप्टर नहीं हुआ , तो दोहे याद नहीं हो रहे , गठित के सूत्र , इंग्लिश की ग्रामर नहीं समझ रही तो विज्ञान में जितने प्रयोग किये सब भूल गये है ऐसा लगता था मैंने देखा है बहुत से स्टूडेंट्स परीक्षा आने के पहले पढ़ाई का टाइम बढाते जाते है जब एग्जाम आने वाले होते है तो वे सब भूल जाते है और बहुत से बच्चे ऐसे होते है जो इस चाहत में की ज्यादा नम्बर आए वे रात - रात भर बैठकर पढ़ाई करते हुए किताबों को ही अपना सब समझ लेते है परीक्षा के दिन पास आते - आते टेंशन से अपनी तबीयत बिगाड़ लेते है एक स्टूडेट  के लिए परीक्षा को लेकर इतना तनाव करना बलिकुल सही नहीं है क्योंकि एक दिमाग है उस दिमाग रुपी घर में तनाव और कोर्स की बातें एक साथ नहीं रह सकती है ।














                     मैंने उन दिनों जब मैं स्कूल और कॉलेज के एग्जाम देती थी तब कुछ टिप्स बनाये थे आपके भी काम आयेगे
एग्जाम जरुर खेल का मैदान है की जहां आप कूदे तो बस आपको जीतकर ही आना है इस खेल में आपको बिना डरे मेहनत करना है और अच्छे से परीक्षा देना है
पहली बात ये याद रखे  की रोज आपको पढ़ना है यानी की जिस दिन आपकी क्लास शुरू हुई है उस दिन से रोज एक रूटीन बना ले की जो चेप्टर पढाया गया है उसे रीवाइस करे सिलेबस के अनुसार तैयारी बिल्कुल To The Point करे. इससे तैयारी भी अच्छी होगी और परीक्षा के समय बेवजह तनाव का सामना नहीं करना पड़ेगा ।

अपने लिए एक चार्ट रेडी करे जिसमे मेथ्स के कठिन सूत्र लिखे
सांइस के फोर्मूल्स को लिख दे
हिन्दी के श्लोक , व्याकरण को लिखे
जो चेप्टर बहुत कठिन लगते हो उन चेप्टर के महत्वपूर्ण बिन्दुओ को एक कॉपी में लिखे ले उन्हें चेप्टर पढ़ना शुरू करने से पहले पढ़े आपको वो चेप्टर आसान लगने लगेगा ।
कुछ स्टूडेंट्स की मेन प्रोब्लम होती है की उन्हें याद नहीं होता आप लेटकर नहीं बैठकर पढाई करे अच्छे से याद रहेगा 


* बनाएं परफेक्ट टाइम फॉर पढ़ाई  :
आपको अपनी परीक्षा के शेड्यूल के अनुसार अपने पढाई का Time – Table बनाना होगा. किस तरह पढ़ना है उसकी Planing बना ले और फिर उस योजना के तहत दिनचर्या का हर हाल में पालन करे. अगर आपने बेहतर Time Management बनाई है तो इससे एग्जाम की तैयारी में सहूलियत होती है, जिससे आपको तनाव भी नहीं होगा ।
* पढाई के लिए बेहतर माहौल :
परीक्षा के दिनों में आप अपनी पढाई करने के लिए शांत माहौल चुने क्योंकि शोर शराबे में पढाई नहीं की जा सकती है , जहाँ आपको किसी भी प्रकार की बाधा न आये. आप किसी अलग कमरे में पढाई कर सकते है जहाँ कोई और न हो. आप टेलीविज़न की आवाज और Music से तथा अन्य किसी भी प्रकार के शोर शराबे से दूर रहे जिससे आपको कोई Disturbance न हो ।
अगर आपने इसमें लापरवाही की तो आप मेहनत करने के बावजूद किसी विषय को गहराई से समझ नहीं पाएंगे. अगर आपका पढाई का माहौल अच्छा होगा तो तनाव भी आपसे दूर रहेगा ।
* ब्रेक फॉर पढ़ाई :
मेरी हमेशा से यही आदत रही है अगर एक लम्बे टाइम तक स्टडी नहीं की जा सकती है पढ़ाई के बीच में एक ब्रेक जरुर लेना चाहिए क्योंकि एक लम्बे समय तक पढाई करने से आपको थकान हो जाती है रिफ्रेश होकर पढ़ने से आप ज्यादा घन अध्ययन कर पायेंगे परक्षा के दौरान स्वाभाविक रूप से पढाई में तीव्रता आ जाती है. ऐसे में लम्बे समय तक स्टडी में लगे रहना थकान उत्पन्न करता है. इसलिए एक ब्रेक बिना भूले ले नहीं तो जितना याद किया है वो भूल सकते है ।
जब मैं ब्रेक लेती थी तो गाने सुनती थी थोड़ा घर के अंदर टहलती थी ब्रेक के दौरान आप दोस्तों से बाते कर सकते है, गाना सुन सकते है, थोड़ा टहल सकते है और कुछ हल्का फुल्का खा- पी सकते है. पढाई के दौरान बाहर ना जाए क्योंकि पढ़ाई के टाइम आपका दिमाग पढाई के कार्य में व्यस्त उसे अन्य किसी जगह ना भटकने दे ।
अगर आप साप्ताहिक ब्रेक ले रहे है तो कोई अच्छी मोटिवेट करने वाली  movie देखे या दोस्तों के घर जाये. परीक्षा ख़त्म होने के बाद Result के बारे में सोचते रहने के बजाय कही टूर पर निकल जाये या अपनी किसी नयी Hobby को विकसित करने का प्रयास करे ।
* नो दवा बस ताजी हवा
एग्जाम के दिनों में Tension का होना आम बात है. यह हर उस छात्र को होता है मुझे भी बहुत टेंशन होता था जो अपनी पढाई और परीक्षाओ के प्रति गंभीर होता है. इसलिए इस चिंता को दूर करने के लिए किसी ड्रग या दवा के सेवन से बचे. तनाव को कम करने के लिए सिगरेट, शराब, किसी दवा व अन्य नशीली चीजो का सेवन से बचे. सबसे बेस्ट फ़ॉर्मूला है आप सुबह जल्दी उठें खुली हवा में मोर्निग वाक के लिए जाएं कंही शांत जगह पर बैठकर मेडिटेशन करे या आँखे बंदकर करके कुछ देर चित लेट जाए और बिलकुल शांत हो जाएं केवल अच्छी - अच्छी बातें सोचे ।
* समझने के लिए किसी Expert की सलाह ले :
किसी Subject या Topic को समझने में मुश्किल आये तो उस विषय के Expert से Advise जरुर ले. वह Expert आपके Teacher हो सकते है, आपके मम्मी - पापा , भाई बहन हो सकते है या वो छात्र हो सकते है जो विषय आपको समझ नहीं आ रहा हो उस विषय को वे अच्छे से समझते और समझाना जानते हो अगर आपकी तैयारी अच्छी होगी तो Stress भी कम होगा ।
* कम्प्लीट फ़ूड की प्लेट  :
स्टडी के दौरान अपने खान पान का बहुत अच्छे से ध्यान रखे क्योंकि सिर्फ आपकी पढ़ाई या आपके नोट्स ही आपको परीक्षा के लिए तैयार करते है बल्कि आपका खानपान भी आपको परीक्षा के लिए तैयार करता है इसलिए संतुलित खाए. फल ,सब्जी , दूध ले इस दौरान जंक फ़ूड की अधिकता से बचे. ऐसे आहार न ले, जो जरुरत से ज्यादा तैलीय और वसायुक्त हो. एक बात और, पढाई के बीच में कुछ न कुछ खाते रहे सबसे अच्छा है आप मुरमुरा की भेल ,फलों की चाट , आदि चीजे खा सकते है ।
* एक्सरसाइज के लिए समय निकाले :
व्यायाम करना. वो भी रोज तो आपका टेंशन ओवर हो जाएगा परीक्षाओ के दिनों आपको मानसिक रूप से व शारारिक रूप से फिट रखेगा. यह याद रखे कि शारारिक सक्रियता मानसिक तनाव को कम करने में मददगार होती है. मैं पढाई के समय बीच बीच में कुछ देर स्टडी टेबल पर ही रिलैक्स्ड होकर गहरी साँस लेती थी यह फायदेमंद होता है ।
* नींद का कोटा करे पूरा :
परीक्षा के दौरान भी कम से कम 7 घंटे की नींद जरुर ले. जब आपकी नींद का कोटा पूरा हो जाएगा तो फ्रेश रहेंगे और फ्रेश रहकर नींद का डोज पूरा करने के बाद पढ़ाई करने से ज्यादा लम्बे टाइम तक पढ़ा हुआ दिमाग में सेव रहता है ।
* ओनली बी पोजीटिव :
इसलिए पॉजिटिव सोच रखना बहुत जरुरी है. अगर आप शुरू से यह सोचते रहंगे की मुझेसे नहीं बनेगा तो वो परीक्षा के अंत तक नहीं बनेगा इसलिए बी पोजीटिव रहे यह आपको Negative Thoughts से तो बचाएगा ही साथ ही साथ आपको पढाई के तनाव से भी दूर रखेगा. हमेशा आशावादी सोच रखे हमारे अन्दर एक नयी स्फूर्ति पैदा करती है इसलिए एग्जाम से पहले अच्छे रिजल्ट के बारे में इमेजिन करे और उसे एन्जॉय करे. ।


दोस्तों एग्जाम का टेंशन आप खुद ही इन चीजों का ध्यान रखकर कर सकते है बस अच्छे से तैयारी करे और पूरे मन लग्न मेहनत से एग्जाम दे ये समझ ले की एग्जाम एक मैदान है आप है खिलाड़ी आपको पूरे जोश से बिना तनाव के मैदान में उतरना है और परीक्षा देना है ।


1 टिप्पणियाँ:

RADHA TIWARI ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (25-12-2017) को "क्रिसमस का त्यौहार" (चर्चा अंक-2828) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
राधा तिवारी

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