जैसा बोलेंगे वैसा ही बन जायेंगे अपने बातचीत करने का तरीका सुधारे



 लोगो से अपने बातचीत करने के तरीके को कैसे सुधारे


                    हम अक्सर सोचते है की हम जो कुछ भी बोलते है इससे सामने बैठे व्यक्ति को हमारी पर्सनालिटी का प्रभाव नहीं पड़ता है जी नहीं मित्रों हम जब किसी व्यक्ति से बात करते है तो उसका सीधा सम्बन्ध हमारे व्यक्तित्व से होता है जिस व्यक्ति से समक्ष बैठकर हम कम्यूनिकेट या बातचीत कर रहे होते है वह ना सिर्फ हमारी बातों पर ध्यान देते है बल्कि वह हमारे व्यक्तित्व पर ,हावभाव पर ,हमारी सोच पर , बॉडी लैंग्वेज पर, साथ ही सामने बैठा व्यक्ति यह भी ध्यान देता है हम उसकी बातों को कितना ध्यान से सुन रहे है
    
                 ये सभी बातों पर वह व्यक्ति पूरा - पूरा ध्यान देता है तभी तो वह व्यक्ति हमारी बातो और बात करने के अंदाज से ही यह जान जाता है की ये व्यक्ति प्रभावशाली व्यक्तित्व का है या नही कभी - कभी हिलते हुए बातें करते है ओवर कॉन्फिडेंस में , या हम सामने बैठे व्यक्ति की ओर बिना देखे उसकी बाते सुनते है
ये सभी बातें दर्शाती है की हमें अपने बातचीत करने के तरीके यानी कम्यूनिकेशन स्किल्स को सही करना है
improve communication skills tips

               बहुत सारे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने 2000 से भी ज्यादा कौशल या स्किल्स(skills) को जागृत किया है जिनकी मदद से हर किसी कंपनी या इंडस्ट्री में लोग काम सही तरीके से करते हैं। अपने कंपनी या इंडस्ट्री के अनुसार बातचीत करने का सही कौशल होना बहुत आवश्यक होता है। परंतु इन सभी कौशल या स्किल्स में से संचार कौशल या संवाद कौशल यानी कैसे किस व्यक्ति से बात करना है का तरीका आना किसी भी कंपनी में सफलता पाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है। हम जैसे अपने घर में बाते करते है दोस्तों या अन्य किसी व्यक्ति उस तरह से हम अपनी कम्पनी के लोगो से बात नहीं कर सकते है आज के लगभग सभी बड़ी कंपनियां इंटरव्यू में सबसे पहले यह देखती है कि नौकरी के लिए आवेदन किए हुए व्यक्ति का कॉन्फिडेंस और बात करने का तरीका कैसा है?
              सभी ने एक चीज पर गौर किया होगा कि जितने भी महान नेता , कवि या फिर हमारे शिक्षकों को देख लीजिए उनके बोलने का तरीका बहुत ही बेहतरीन होता है जिससे उनकी बात लोगों के साथ जुड़ पाती है। उनकी बातों में ऐसी मधुरता और प्रेरणा होती है जिससे हर व्यक्ति उनकी बातों को और सुनने की इच्छा करते है।
अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स कैसे बढ़ाएं
अपने संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए कुछ मुख्य चीजों पर ध्यान देना आवश्यक होता है।-
1. अच्छे और ध्यान से सामने वाले की बात सुनें
हर व्यक्ति यह चाहता है वः जो भी बोल रहा है या जिससे बात कर रहा है वह व्यक्ति उनकी बातों को सुनें। सबसे मुख्य बात तो यह है कि हमें पहले दूसरों की बातों को अच्छे से सुनना आना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर आप किसी की बातों को अच्छे से नहीं सुनेंगे तो जवाब अच्छे से कैसे दे पाएंगे? जब कोई व्यक्ति आपसे बात करता है तो इस बात का ध्यान रखें कि आप जो भी बात कर रहे हैं वह आपके लिए महत्वपूर्ण होना चाहिए। आपका ध्यान उस व्यक्ति बातचीत पर ही फोकस होना चाहिए। कभी भी किसी से बात करते समय कोई दूसरा काम जैसे फोन पर बात करना, कोई ईमेल भेजना या कोई भी ऐसा काम जिससे दो लोगों के आपस में बातचीत या संचार बिगड़े वैसा काम नहीं करना चाहिए।
2. आप किससे बात कर रहे हैं समझें
हर व्यक्ति से बात करने का एक अलग तरीका होता है। आम बात तब होती है जब आप अपने किसी दोस्त से बात करते हैं या उससे ऑनलाइन चैट कर रहे होते हैं। अगर आप अपनी कंपनी के बॉस से बात कर रहें है या किसी महान व्यक्ति से ऐसे समय में आपको सोच समझ कर उनसे बात चाहिए। अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए पहले से ही सोच ले आपको उनसे क्या बात करना है और क्या नहीं कम से कम शब्दों में बात करे तो बेस्ट है , एक अच्छा संचार कौशल वाला व्यक्ति हमेशा आपनी बातों को सामने वाले व्यक्ति के दिमाग तक पहुंचाने की कोशिश करता है।
3.  सही बॉडी-लैंग्वेज ज़रूरी
अलग-अलग इंडस्ट्री में कई प्रकार के काम होते हैं कुछ जगहों पर जैसे कम्पनी में , मीटिंग में आमने-सामने बैठकर कॉन्फिडेंस से बात करना होता है तो ज्यादातर समय विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य लोगों से बात करना होता है एसे में बॉडी लैंग्वेज का ठीक होना बहुत आवश्यक होता है। हमेशा सीधे देख कर बात करें सामने बैठे व्यक्ति की आँखों में देखकर बात करे अगर आपका ध्यान कहीं और तो सामने वाले व्यक्ति बुरा प्रभाव पड सकता है और सामने वाले की बात को ध्यान से सुनें। कभी भी हिलते हुए हाथ पैर हिलाते हुए बात ना करें , सही बॉडी लैंग्वेज रखने से कॉन्फिडेंस बढ़ता है और संचार कौशल में विकास होता है।
4. पावरपॉइंट पर प्रेजेंटेशन देना बंद करें
अब बड़ी बड़ी कंपनियां जैसे Apple और Facebook ने अपनी मीटिंग में पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन को बंद करना शुरू कर दिया है। अब वह ज़माना आ चूका है जब लोग बिना पॉवरपॉइंट के अपने शब्दों और दिमाग के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन दें। हलाकि की कुछ जगहों पर इसकी आवश्यकता होती है परन्तु सभी जगहों पर इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। जब आप किसी चीज को अपने मन में याद रखकर लोगों के सामने व्यक्त करते हो तो आपका संचार कौशल और बेहतर बनता है।
People who know what they’re talking about don’t need PowerPoint – Steve Jobs
यहां तक की स्टीव जॉब्स जो की Apple के CEO हैं उनका कहना है जिन लोगों को यह नहीं पता होता है कि वह किस विषय पर बात कर रहे हैं उनको पॉवरपॉइंट की आवश्यकता होती है
5. मैसेज को ध्यान से पढ़ कर देखें और भेजें
कभी-कभी हम अपने मैसेज और ईमेल भेजने में बहुत लापरवाही करते हैं। अगर आप अपने किसी दोस्त या घरवालों को मैसेज भेज रहे हैं और कुछ गलती हो गया है तो उसमें कोई बात नहीं आप दोबारा मैसेज भेज सकते हैं। परंतु अगर आप अपनी कंपनी का कोई ऑफिशियल मैसेज भेज रहे हैं तो भेजने से पहले एक दो बार अच्छे से जांच कर लें कि मैसेज सही तरीके से लिखा गया है या नहीं? कई बार गलत मैसेज भेज देने की वजह से लोगों को अपनी नौकरी तक गवानी पडती है , एक सही सोचा समझा मैसेज भेजना अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स या संसार कौशल का उदाहरण है।
6. दूसरों से सही प्रतिक्रिया लें
बहुत बार कुछ ऐसा होता है कि हमारे दोस्त, परिवार के लोग, या ऑफिस के कर्मचारी हमारी कुछ गलतियों के विषय में बताते हैं। ऐसे समय पर कुछ ऐसे लोग होते हैं जो हो उनकी बातों का बहुत बुरा मानते हैं उन्हें उल्टा जवाब देते हैं जो की सही बात नहीं है। अगर लोग हमारी गलतियां निकालते हैं हमारा कर्तव्य बनता है कि हम उन गलतियों को समझें और उन्हें सुधारें। हमें अन्य लोगों से सही और ईमानदारी से प्रतिक्रिया लेना चाहिए जिससे हम स्वयं को एक बेहतर इंसान और अपने कम्युनिकेशन स्किल्स को बढ़ा सकें।
7. सभी का सम्मान करें
चाहे कोई भी व्यक्ति हो आपका सीनियर हो, कोई छोटा कर्मचारी हो,या कोई छोटा चाय वाला हो, आपको हर किसी व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए। ऐसा करने से ना सिर्फ स्वयं के मन में एक सकारात्मक भावना उत्पन्न होती है बल्कि हर किसी के दिल में आपके लिए सम्मान की भावना उत्पन्न होती है।  घमंड करने वाला इंसान कभी भी अपने जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है। क्योंकि जो व्यक्ति जिस तरह से लोगो से बात करता है उसकी छवि वैसी ही बनती जाती है  कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते है जो किसी से गुस्से में रूखे स्वर में बात करता है तो वो व्यक्ति लोगो के बीच कभी अपने आपको सही सिध्द नहीं कर पाता है लोगों का सम्मान करना और सभी लोगों से प्रेम के साथ बात करना कम्युनिकेशन स्किल्स को बेहतर बनाने का सबसे बड़ा हिस्सा है।
8. हमेशा मुस्कुरा कर सबसे बात करें
चेहरे पर हल्की स्माइल देखकर आपका बिगडी से बिगड़ी बात भी बन जाती है हमेशा किसी से भी बात करते समय मुस्करा के बात करें इससे एक सकारात्मक माहौल बनता है। व्यक्ति को इससे सामने वाले व्यक्ति को आपसे बात करने में आसानी होती है और दो लोगों के बिच सही और पूर्ण वार्तालाप हो पाता है। मुस्कुराते हुए बात करना एक अच्छे संचार कौशल का उदाहरण है।
9. महत्वपूर्ण बिन्दुओं से शुरू करें और अंत भी 
अपने हर एक मीटिंग में अपने मुद्दे और विषयों के महत्वपूर्ण पॉइंट्स को पहले उठाये और उन चीजों का हल निकालने की पूर्ण कोशिश करें। अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स वाले व्यक्ति हर मुख्य बिंदु को अच्छे से सभी दर्शकों के समक्ष रखते हैं और उन्हें समझा पाते हैं। हर मीटिंग को शुरू करते और अंत करते समय महत्वपूर्ण बिन्दुओं का ज़िक्र करना इसलिए आवश्यक होता है क्योंकि इससे सामने बैठे दर्शकों या लोगों को सभी बिंदु याद रहते हैं।
10. समय के महत्व को समझे 
आज के इस युग में पैसे का मूल्य कम और समय का मूल्य ज्यादा हो गया है। एक बात हमेशा याद रहें जो व्यक्ति समय के मूल्य को समझता है वही जीवन में सफल होता है। एक अच्छा कम्युनिकेशन स्किल वाला व्यक्ति बनने के लिए आपको हमेशा समय के अनुसार अपनी बातचीत को ख़त्म करना चाहिए और कभी भी बेकार की बातचीत में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। कुछ लोगो को इसलिए पसंद नहीं किया जाता है क्योंकि वो व्यक्ति समय पर अपनी बातचीत नही खत्म करता है इसलिए समय का ध्यान रखते हुए कम से कम शब्दों में अपनी करना चाहिए

अपने आपको दूसरे व्यक्तियों के सामने इस तरह प्रस्तुत करे की आपकी बातों से वह हमेशा प्रभावित होता रहे । और आप उस व्यक्ति के लिए एक उदाहरण बन जाए । 

5 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (11-12-2017) को "स्मृति उपवन का अभिमत" (चर्चा अंक-2814) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

शरद कोकास ने कहा…

आज दिनांक 11 जनवरी को आपके ब्लॉग का लिंक मित्रों को भेजा गया

कोपल कोकास ने कहा…

धन्यवाद जानकारी हेतु

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…

सुंदर...अनुकरणीय..
महत्वपूर्ण...
बधाई बिटिया...

कोपल कोकास ने कहा…

सादर धन्यवाद अंकल जी

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