स्टीम ले खूबसूरत दिखे

क्या आप स्टीम लेते हैं

क्या आप जानते हैं कि स्टीम लेने से हम खूबसूरत भी दिख सकते हैं चलिए जानते हैं कि यह कैसे हो सकता है

हम सभी की यही चाहते हैं कि हम खूबसूरत दिखे औऱ खूबसूरत दिखने के लिए हम महंगे से मंहगे ब्यूटी प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करते है और उन प्रोडक्ट्स में ढेर सारे केमिकल होते हैं जो हमें खूबसूरत तो बना देते हैं पर उनके प्रयोग से स्किन खराब हो जाती है अगर आप भी अपनी स्किन को जवां और चाहते हैं कि स्किन बढ़िया रहे तो फिर स्टीम एक बढ़िया ऑपशन है ।


  • हम सभी जब सर्दी होती है कफ जमा होता है तब ही स्टीम लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं है आप खूबसूरत दिखने के लिए भी स्टीम ले सकते हैं ।



  • स्टीम लेना एक तरह का ब्यूटी ट्रीटमेंट है फेस की स्टीम लेने से आपके चेहरे पर ग्लो आएगा बल्कि आपको एक बेहतरीन ताज़गी मिलेगी ।



  • स्टीम लेने के लिए अगर आपके पास स्टीमर है तो अच्छा है अगर नहीं है तो किसी बाल्टी या गंजी बर्तन में भी गर्म पानी ले सकते हैं ।



  • जब भी आप स्टीम ले उस वक्त अपने चेहरे को अच्छी तरह से ढंक ले इससे पूरे चेहरे पर बराबर स्टीम मिल जाएगी।



  • स्टीम लेने से आपकी त्वचा पर जमा मैल साफ हो जाएगा स्टीम लेने से सारे रोम छिद्र खुल जाएंगे और अंदर का मैल भी साफ हो जाएगा ।



  • स्टीम लेने से काली झाई ब्लैक हैड्स निकल जाएंगे औऱ आपकी त्वचा पर निखार आएगा।



  • लगभग 10 से 25 मिनट तक भाप ले जब तक भाप ठंडी ना हो जाए ।



  • स्टीम लेंगे तो आपके शरीर की डेड स्किन भी बाहर निकल जाएगी और प्राकृतिक निखार आएगा ।



  • अगर आपको मुहांसे और झुर्रियां है तो वो भी कम हो जाएगा और होने का डर ख़तम हो जाएगा ।



  • अगर आप स्टीम लेंगे तो आपकी त्वचा का मॉइश्चराइजर भी बना रहेगा त्वचा बेजान रूखी नहीं रहेगी ।



  • भांप लेने के बाद अपना चेहरा तोलिया से पोछ ले ।अपनी पसंद के क्लींजर से अपना चेहरा साफ कर ले । चेहरे पर सनस्क्रीन लोशन लगाएं ।

मोबाइल में हिन्दी लिखे आसानी से

     
         आज हम सभी मोबाइल की दुनिया से जुड़े है जिसमें हजारों भाषाओं से हम अपने विचार लोगों तक पहुंचाते है आज भी मैंने देखा है बहुत से लोग ऐसे है जो मैसेज से लेकर ईमेल , ईमेल से लेकर व्हात्सप , व्हात्सप से लेकर फेसबुक , लेखन कार्य मैसेज भेजने में अंगरेजी भाषा का ही प्रयोग करते है क्योंकि बहुत से लोग समझते है हिन्दी भाषा लिखना अत्यंत कठिन है जी नहीं आज की टेक्नोलॉजी के जमाने में हिन्दी में लिखना भी बहुत आसान है बस आपको शुरुआत में थोड़ी सी दिक्कते होंगी धीरे - धीरे प्रयास से आप सीख जाएंगे मोबाइल में हिन्दी लिखना

       अभी कुछ दिनों पहले की बात है मैं ट्रेन से नागपुर की यात्रा कर रही थी एक सर ने मुझसे पूछा मैडम जी आप अपने मोबाइल में हिन्दी इतनी आसानी से कैसे लिख रही है हमारी भी हेल्प कर दीजिए हम भी व्हात्स्प्प में लिखेंगे अपने मित्रों को मैंने कहा जी बिकुल यह बहुत आसान है और यह चंद मिनटों का काम है

तो चलिए शुरू करते है कैसे मोबाइल में आप हिन्दी लिखेंगे -

आज सबके पास एंड्राइड मोबाइल तो होता ही है अगर आपके पास है तो अच्छा है


१ हिन्दी लिखने के लिए अपने मोबाइल के प्ले स्टोर play store में जाइए सर्च में जाकर google indic keyboard टाइप करें उसके बाद उसे डाउनलोड कर लीजिए

2 डाउनलोड हो जाने के बाद जहां पर भी आपके मोबाइल में  एप्लीकेशन रहती है वहां जाकर google indic keyboard एप्लीकेशन को खोल लीजिए

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खोलने के बाद चित्र में देखिए google indic keyboard settings दिखाई देगा उसमें नीचे लिखा होगा select input language , input , keyboard , handwriting , dictionary , others

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अब आप सबसे पहले select input language को खोलें इसमें आपको बहुत सारी भाषाएँ दिखाई देंगी जिसमें आपको सबको बंद कर देना है सिर्फ english एंड indic languages को खोल दीजिए और use system languages को भी खोल दीजिए

5 अब दुसरे फंक्शन में लिखें होंगे double - space full stop , next wod suggestions , auto capitalisation , auto spell correction , enable glide typing ,show suggestions , auto spell correction , auto space insertion . उन सभी को खोल दीजिए

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अब आते है keybord आप्शन पर इसमें देखिए सबसे पहले होगा theme आप कैसी थीम रखना चाहते है उस आप्शन को खोलिए उसमें विभिन्न रंगो के वालपेपर होंगे आप उसे थीम में लगा सकते है यह तब दिखाई देगा जब आप कहीं पर भी कुछ लिखंगे तो यह कीबोर्ड में दिखेगा और आप कीबोर्ड के पीछे अपनी फोटो भी लगा सकते है थीम में ही my image का आप्शन है उसमें अपने मोबाइल की गैलरी से कोई फोटो लेकर

7 फिर कीबोर्ड में ही एक आप्शन है sound ऑन keypress मतलब आपको किसी की को प्रेस करते समय आवाज चाहिए या नही आप उसे अपने हिसाब से चालू या बंद कर सकते है

8 vibrate on keypress आप उसे अपने हिसाब से चालू या बंद कर सकते है ऐसे ही और option है जैसे pop up on keypress , show voice input button , emoji with physical keyboard आप उसे अपने हिसाब से चालू या बंद कर सकते है

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उसके बाद keyboard height यानी आपको अपने keyboard की उंचाई कितनी रखना है keyboard height के आप्शन को क्लिक करें तो आप देखेंगे उसमें तीन आप्शन है short tall आप अपनी आँखों की दूरी के हिसाब उसकी उंचाई सेट करें

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key long press delay आप अपने हिसाब से इसे सेट कर सकते है

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फिर आता handwriting का आप्शन handwriting के आप्शन में लिखावट की गति स्पीड कैसी चाहिए आपको इसमें तीन आप्शन मिलेंगे slow नार्मल फ़ास्ट वैसे नोर्मल रखे ज्यादा अच्छा है

12 handwriting stroke with इसमें भी तीन आप्शन मिलेंगे slow नार्मल फ़ास्ट वैसे नोर्मल रखे ज्यादा अच्छा है

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फिर आता है आप्शन dictionary का इसमें sychronise यूजर dictionary का आप्शन खोल दीजिए यह आपके मोबाइल कीबोर्ड की dictionary को हर महीने sychronise करता है

14 sychronise now आप स्वयं भी sychronise कर सकते है क्लीन साफ़ कर सकते है


15 others के आप्शन में सेंड यूसेज statistics , help improve handwriting , show अप्प icon को खोल दीजिए

16 आपकी इस एप्लीकेशन की सभी सेटिंग पूरी हो गई अब आप इसके माध्यम से कंही भी हिन्दी में लिख सकते है बातें कर सकते है यह बहुत आसान है

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जब आप लिखेगे तो कीबोर्ड पर क्लिक करने पर दो ऑप्शन मिलेंगे कि abc इससे आप change करके english भी लिख सकते है और अ लिखा होगा उस पर किल्क करने पर आप हिन्दी में लिख सकते है और अन्य भाषाओं में भी लिख सकते है इसके अलावा आप goggle voice typing से बोलकर टाइप कर सकते है keyboard में ही छोटा सा माइक दिखेगा 

आप keyboard में एक सफेद रंग की पट्टी  दिखाई देगी आप उस पर किल्क करे तो आप गूगल voice टाइपिंग से बोलकर भी लिख सकते है और अपने मैसेज लोगो को भेज सकते है

इसके अलावा आप जब अ को किल्क करेंगे तो देखंगे कि आप उसमें अपनी उंगलियों से भी लिख सकते है keyboard पर अपनी उंगलिया चलाकर

जिस तरह हम रोमन भाषा में अपने मोबाइल में किसी को सिंपल मैसेज भेजते है कि

aap kese हो
आप कैसे हो

main ja raha hoo
मैं जा रहा हूँ


इसी तरह आपके हिन्दी के सारे शब्द बनेगे कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी आपको लिखने में क्योंकि आप जिस तरह english रोमन में लिखते है बस उसी तरह से हिन्दी में लिखना है और अगर होती है तो आप मुझसे टिप्पणी में पूछ सकते है

वीर शिवाजी की जयंती

       
 शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। शिवाजी कई कलाओं में माहिर थे, उन्होंने बचपन में राजनीति एवं युद्ध की शिक्षा ली थी। छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) भारत के महान योद्धा एवं रणनीतिकार थे जिन्होंने 1674 में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी वे बहुत बहादुर,बुध्दिमानी ,शौर्य ,दयालु शासक थे शिवाजी महाराज बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे उन्होंने भारत देश के निर्माण के लिए बहुत से कार्य किये वे एक महान देशभक्त भी थे , जो भारत माता के लिए अपना जीवन अर्पण करने को तैयार थे आज उनकी जयंती है ।


1."स्वतंत्रता एक वरदान है, जिसे पाने का अधिकारी हर कोई है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

2."एक छोटा कदम छोटे लक्ष्य पर, बाद मे विशाल लक्ष्य भी हासिल करा देता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

3."जरुरी नही कि विपत्ति का सामना, दुश्मन के सम्मुख से ही करने मे, वीरता हो। वीरता तो विजय मे है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

4."जब हौसले बुलन्द हो, तो पहाङ भी एक मिट्टी का ढेर लगता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज


5."शत्रु को कमजोर न समझो, तो अत्यधिक बलिष्ठ समझ कर डरना भी नही चाहिए।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

6. "जब लक्ष्य जीत की हो, तो हासिल करने के लिए कितना भी परिश्रम, कोई भी मूल्य , क्यो न हो उसे चुकाना ही पङता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज


7."सर्वप्रथम राष्ट्र, फिर गुरु, फिर माता-पिता, फिर परमेश्वर।अतः पहले खुद को नही राष्ट्र को देखना चाहिए।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

8."अगर मनुष्य के पास आत्मबल है, तो वो समस्त संसार पर अपने हौसले से विजय पताका लहरा सकता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

9."इस जीवन मे सिर्फ अच्छे दिन की आशा नही रखनी चाहिए, क्योकी दिन और रात की तरह अच्छे दिनो को भी बदलना पङता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

10."अंगूर को जब तक न पेरो वो मीठी मदिरा नही बनती, वैसे ही मनुष्य जब तक कष्ट मे पिसता नही, तब तक उसके अन्दर की सर्वौत्तम प्रतिभा बाहर नही आती।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

11."जो मनुष्य समय के कुच्रक मे भी पूरी शिद्दत सेअपने कार्यो मे लगा रहता है। उसके लिए समय खुद बदल जाता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

12."प्रतिशोध मनुष्य को जलाती रहती है, संयम ही प्रतिशोध को काबू करने का उपाय होता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

13."कोई भी कार्य करने से पहले उसका परिणाम सोच लेना हितकर होता है; क्योकी हमारी आने वाली पीढी उसी का अनुसरण करती है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

14."अपने आत्मबल को जगाने वाला, खुद को पहचानने वाला, और मानव जाति के कल्याण की सोच रखने वाला, पूरे विश्व पर राज्य कर सकता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

15."शत्रु चाहे कितना ही बलवान क्यो न हो, उसे अपने इरादों और उत्साह मात्र से भी परास्त किया जा सकता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

16."उत्साह मनुष्य की ताकत, संयम और अडिकता होती है। सब का कल्याण मनुष्य का लक्ष्य होना चाहिए। तो कीर्ति उसका फल होगा।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

17."एक सफल मनुष्य अपने कर्तव्य की पराकाष्ठा के लिए, समुचित मानव जाति की  चुनौती स्वीकार कर लेता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

18."आत्मबल, सामर्थ्य देता है, और सामर्थ्य, विद्या प्रदान करती है। विद्या, स्थिरता प्रदान करती है, और स्थिरता, विजय की तरफ ले जाती है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

19."एक पुरुषार्थी भी, एक तेजस्वी विद्वान के सामने झुकता है। क्योकी पुरुर्षाथ भी विद्या से ही आती है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

20."जो धर्म, सत्य, क्षेष्ठता और परमेश्वर के सामने झुकता है। उसका आदर समस्त संसार करता है।" ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

21 .''कभी अपना सर मत झुकाओ, हमेशा उसे ऊँचा रखो.'' ~ छत्रपति शिवाजी महाराज


22 .''भले हर किसी के हाथ में तलवार हो, यह इच्छाशक्ति है जो एक सत्ता स्थापित करती है.'' ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

 23 .'' जो मनुष्य समय के कुच्रक मे भी पूरी शिद्दत से, अपने कार्यो मे लगा रहता है। उसके लिए समय खुद बदल जाता है।''  ~ छत्रपति शिवाजी महाराज

24 .'' जरूरी नहीं कि मुश्किलों का सामना दुश्मन के सामने  ही करने में वीरता हो, वीरता तो विजय में है। '' ~ छत्रपति शिवाजी महाराज


25 .'' बदला लेने की भावना मनुष्य को जलाती रहती है, संयम ही प्रतिशोध को काबू करने का एक मात्र उपाय है।''  ~ छत्रपति शिवाजी महाराज



पीरियड्स के विषय पर अपने दिमाग़ को अपनी सोच को खुला छोड़िये

                  पीरियड्स गन्दी चीज़ नहीं है ना ही कोई महिला अस्वच्छ जब तक हमारे देश में महिलाओं के माहवारी सम्बन्धी रूढ़ियाँ खत्म नहीं होगी तब तक हमारा देश विकसित हो नहीं सकता यह रूढ़ियाँ तब तक इसी तरह आगे बढती रहेंगी जब तक लोगो के दिमाग़ से यह बात बाहर नही निकल जाती कि महिलाओं को होने वाला मासिक धर्म गन्दी चीज़ है आज भी बहुत सारी जगहें ऐसी है जहां लोग आज भी महिलाओं के साथ उनके मासिक धर्म के दौरान उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता है आचार पापड को हाथ मत लगाओ , मन्दिर मत जाओ ,पूजा पाठ मत करो , बाहर बरामदे ज़मीन पर सो ,रसोई में मत जाओ , घर की किसी वस्तु को हाथ मत लगाओ किसी व्यक्ति को मत छुओ

            आज तो थोड़ी स्थितियां बदली है पर बदलाव तो उतना भी नहीं हुआ है जितना होना चाहिए आज भी जब कोई महिला मेडिकल स्टोर पर जाकर पैड मांगती है तो दुकानदार उसे अखबार के टुकड़े में पैक करके काली पन्नी में बंद करके देता है मुझे तो ऐसा लगता है जैसे वो कोई बम विस्फोट करने वाली चीज़ है या चरस गांजा नशा करने वाली चीज़ है जिसे कोई पुलिस पकड़ लेगी जिसे इतना छुपाकर दिया जा रहा है

            लोगों का ब्रेन साफ़ होता ही चाहिए यह कोई शर्म का विषय है ही नहीं जिसके बारे में बात ही नहीं कि जाए आज भी बहुत से पुरुष ऐसे है जो मासिक धर्म के टॉपिक पर बात ही नहीं करते है इसका मतलब यह समझा जाए कि मासिक धर्म का टोपिक गन्दी चीज़ है या इस पर बात ही ना की जाएं दरअसल बात तो सिर्फ इतनी सी है कि हम शर्माते है और इस टॉपिक पर बात करने के बजाय मुहं पर चुप्पी तानकर बैठ जाते है कि अरे यह तो गंदा विषय है इस पर कोई बात ना कि जाएं

            पीरियड्स के मुश्किल वक्त में जब कोई महिला दर्द से गुजर रही है उसे ब्लीडिंग हो रही है तो लोग क्या करते है हम उसे हर चीज छूने की मनाही करते है जबकि उस वक्त उसके मूड में कितने बदलाव होते है उसे सपोर्ट देने के बजाए उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाता है उस पर हजारों पाबन्दिया लगा दी जाती है उस स्त्री से उसकी पीड़ा ही नहीं पूछी जाती है कि वो इस बात क्या महसूस कर रही है , उससे यह कह दिया जाता है अचार हाथ मत लगाना गंदा हो जाएगा जब आपके ही दिमाग़ में गन्दगी भरी है तो यह तो लगेगा ही वह स्त्री जिसके पीरियड्स चल रहे है वह अचार हाथ ना लगाये ।  जब उस स्त्री के मासिक धर्म का समय हो तो जब तक खत्म ना हो तब उसके हाथ में अचार की बरनी लेकर बैठा दीजिए  और पीरियड्स होने के बाद देखिए अचार खराब होता है या नहीं कुछ कोई अचार पापड किसी स्त्री के हाथ लगाने से नहीं खराब होता है बल्कि यह लोगों के दिमाग़ की गन्दगी है जो उन्हें अच्छा सोचने ही नहीं देती है

                                 
            बात तो समझने की है मासिक धर्म कोई खराब चीज़ नहीं है बल्कि यह तो एक प्रक्रिया है जिससे हर स्त्री हर महीने गुजरती है यह उसकी शारीरिक स्वच्छता की बात है हम लोगो के साथ जबरदस्ती नही कर सकते है कि वे अपनी सोच बदले पर थोड़ा सा प्रयास तो कर सकते है अपनी सोच बदलने का। मेरी तो सलाह यह है कि पुरुषो को मासिक धर्म के विषय को अच्छी तरह समझना चाहिए मासिक धर्म पर लिखी अच्छी किताबें पढ़ना चाहिए इस विषय पर खुलकर बात होनी चाहिए चाहे वो आपकी बेटी , बहन ,पत्नी या माँ या आपकी टीचर ही हो उनसे बातें कीजिए मैं तो यह कहती हूँ कि किसी पुरुष को अपने घर की महिला को गहने कपड़े या कोई कीमती गिफ्ट देने के जगह सैनिटरी पैड गिफ्ट देना चाहिए इससे अच्छा गिफ्ट और कोई नहीं हो सकता है आप उनसे प्यार करते है उनकी देखभाल करते है उनकी इज्जत करते है पर आप पैड देकर उनकी स्वच्छता का ध्यान रख सकते है और फिर जो चीज़ प्राकृतिक है उसके विषय में शर्माना कैसा । जो स्त्री रोज आपके लिए बहुत कुछ करती है उसके साथ आपको कतई ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए कि जिस वक़्त वो मासिक धर्म की पीड़ा से गुजर रही है उसे हजारों रूढ़ियों में बांधकर इस तरह व्यवहार किया जाए कि वह अस्वच्छ है । प्रकृतिक है उसमें उस स्त्री की गलती नहीं है कि आप उसकी भावनाओं को ही ना समझे जो इस तरह से महिलाओं को कहे कि वो पीरियड्स के समय गन्दी है उस व्यक्ति के लिए चाहे वो कोई महिला हो या पुरूष उनके लिए मैं यही कहूंगी कि अपनी सोच को बदलिए आज दुनिया इतनी आगे बढ़ गई हैं और आज भी बहुत सी जगहें ऐसी है जहां पर महिलाओं के साथ आज भी बुरा व्यवहार किया जाता है जब उनकी भावनाओं को समझे कोई यह सब तो तभी बदलेगा जब लोग अपनी इस सोच से बाहर निकलेंगे  ।

           सुपरस्टार अक्षय कुमार की पैडमैन फ़िल्म भी जरुर देखिए पैडमैन कहानी अरुणांचलम मुरुगननांथम की जिंदगी से प्रेरित है। इस आविष्कारक की यात्रा इस फिल्म में दिखाई गई है। वह छोटे से शहर का रहने वाला है और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त करता है। भारत में महिलाओं के लिए सस्ते सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए वह एक सपना देखता है और उसे पूरा करता है। इस फ़िल्म से भी एक अच्छा मैसेज मिलेगा


मुझे टिप्पणी में बताएं कि आप क्या सोचते है पीरियड्स के विषय में !

कौन सी चॉकलेट है बेस्ट सेहत के लिए

साथियों हम सभी को चॉकलेट्स बहुत पसंद होती है कुछ चॉकलेट्स आपके दिल को सेहतमंद रखने में मददगार हैं तो कुछ हानिकारक। जरूरी नहीं है जो चीज़ हमें दिख रही है कि वो हमारी सेहत के लिए अच्छी होगी नहीं कुछ चीज़े नुकसान भी पहुंचा देती है । इसलिए जरूरी है आप अपनी सेहत के लिए सही चॉकलेट्स का चुनाव, ताकि किसी भी तरह से आप की सेहत पर गलत असर ना हो ।


कभी दीवाली पर तोहफे के तौर पर दोस्तों और परिवारवाले दे देते हैं इसके बाद अब शादियों के मौसम में भी लोग निमंत्रण पत्र के साथ मिठाई या ड्राई फ्रूट्स की बजाय चॉकलेट्स देने लगे हैं। तो क्या त्योहारों और चॉकलेट्स का साथ अच्छा है? क्या आपको चिंता है कि चॉकलेट्स सेहत के लिए नुकसानदायक है। तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि कुछ चॉकलेट्स आपके दिल को सेहतमंद रखने में मददगार है लेकिन जैसा कि खाने के साथ होता है कि कुछ सेहतमंद होते हैं तो कुछ हानिकारक, ठीक वैसे ही बस आपको सही चॉकलेट्स चुनने की जरूरत है।


क्या है अच्छाई?

दरअसल चॉकलेट में पाई जाने वाली फ्लेवोनॉयड ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। बल्कि अनुसंधानों की माने तो डार्क चॉकलेट्स में पाया जाने वाला फ्लेवोनॉयड (इसमें प्रोसायनाइडंस, एपीकेचिनंस और केटेकाइंस) में अन्य आहारों के मुकाबले बहुत प्रभावी एंटीऑक्साइड्स है। अब आप यह जरूर जानना चाहते होंगे कि चॉकलेट्स कैसे दिल को सेहतमंद रखती है? तो फ्लेवोनॉयड्स आर्टरी की सतही कोशिकाओं (जो हृदय में शामिल होती है) यानिकि एंडोथीलियम की कार्यक्षमता में सुधार करती है। यह आर्टरी में बनने वाले प्लेक को हटाने में मदद करती है और हाई ब्लड प्रेशर से सुरक्षित करती है। तो हम यह कह सकते है कि यह खून के प्लेटलेट्स को आपस में जुड़कर गांठ बनाने से रोकते है और हमारी आर्टरी को स्वस्थ रखते है। रिसर्च से यह भी पता चलता है कि कोको में पाया जाने वाला नाइट्रिक ऑक्साइड (एनओ) हमारे शरीर में सेहतमंद रक्तप्रवाह और ब्लड प्रेशर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा चॉकलेट्स में फिनोलिक्स होता है, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। कुछ रिपोर्टों की माने तो चॉकलेट में पाए जाने वाले ये पदार्थ कैंसर के रिस्क को भी कम करते हैं।



 रहें सावधान

चॉकलेट्स में फैट और चीनी बहुत ज्यादा होती है लेकिन चॉकलेट में फैट के प्रकार पर निर्भर करता है, हो सकता है कि यह आपकी आर्टरी पर ज्यादा सख्त न हों। वैसे तो अच्छी क्वालिटी के चॉकलेट कोको बटर (यह स्वस्थ हृदय फैट है जो कुल और एलडीएल कोलेस्ट्रोल कम दिखाता है) से बनते है। पर यह भी याद रखें कि सभी चॉकलेट कोको बटर से नहीं बनते तो खरीदते समय यह पढऩा बिल्कुल न भूलें। माना कि चॉकलेट सेहत के लिए अच्छे होते हैं लेकिन इसे नियंत्रित तरीके से ही खाए। एक बार या एक दिन में 100 कैलोरी से ज्यादा डॉर्क चॉकलेट न खाए कुछ लोगों की आदत है उन्हें चॉकलेट बहुत पसंद होती है और वे बिना कंट्रोल किये खाते हैं औऱ फिर उनको मोटापा बढ़ने, दिल की बीमारियों , फैट बढ़ने की परेशानी हो जाती है । इसलिए ध्यान से खाइए ।


स्मार्ट बनें

आप कोको बटर का इस्तेमाल हॉट चॉकलेट बनाने में भी कर सकते है। इससे आपको गर्म चॉकलेट और कोको में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बहुत ज्यादा मात्रा में मिल जाएगी क्योंकि गर्मी ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट रिलीज़ करने का ट्रिगर है।


 कौन सी चॉकलेट सेहत के लिए बेस्ट

यह याद रखिए कि डार्क ज्यादा बेहतर है बल्कि प्लेन डॉर्क चॉकलेट में भी 70 फीसदी या इससे ज्यादा कोको सॉलिड होते हैं और यह सबसे बेहतर तरीका है, बिना ज्यादा चीनी और सैचुरेटेड फैट खाएं, चॉकलेट खाकर संतुष्ट होना। तो अब आप अपने दोस्तों और परिजनों को गिफ्ट दें लेकिन साथ में यह भी ध्यान रखें कि सीमित खाना बहुत जरूरी है ।

अगर आपको चॉकलेट खाना भी है तो एक टुकड़े से ज्यादा ना खाएं क्योंकि यह आपके फैट बढ़ाने के साथ साथ आपके दांतों को भी खराब कर सकता है । खाने के बाद अच्छे से ब्रश कीजिए । बच्चों को शुरू से ही चॉकलेट ना ही दे ये उनके आने वाले भविष्य के लिए अच्छा होगा ।

कम समय में बनने वाली चटपटी चाइनीज भेल



स्ट्रीट फूड में शामिल चाइनीज़ भेल-यह चाइनीज भेल मुझे भी बहुत पसंद है यह थोड़े से उबले, तले हुए नूडल्स और फ्राइड सब्जियों से तैयार हो जाती है और इसे बनाना भी बहुत आसान है ज्यादा चीजो की जरूरत नहीं पड़ती है और बहुत टेस्टी भी लगती है नूडल्स और भेल तो सभी को पसंद आते है चाहे वो बच्चे हो या बड़े और इसी भेल को चाइनीज तरीके से बनाया जाएं तो यह और पसंद आती है तो चलिए बनाते है चाइनीज भेल
आवश्यक सामग्री -
·         उबले हुए नूडल्स - 100 ग्राम 
·         गाजर -1 (बारीक लम्बाई में कटी हुई)
·         शिमला मिर्च - 1 (बारीक लम्बाई में कटी हुई)
·         पत्ता गोभी - 1 कप (बारीक लम्बाई में कटी हुई)
·         टमैटो सॉस - 2 टेबल स्पून 
·         तेल - 1 टेबल स्पून 
·         हरा धनिया - 2 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ) 
·         हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
·         चाट मसाला - 1/2 छोटी चम्मच 
·         नमक - 1/2 छोटी चम्मच 
·         तेल - तलने के लिए

विधि  
नूडल्स उबालिए

किसी बर्तन में इतना पानी गरम करने रखिये कि नूडल्स आसानी से अच्छी तरह पानी में डूब सकें. पानी में ½ छोटी चम्मच नमक और 1-2 छोटी चम्मच तेल डाल दीजिये. जिससे नूडल्स अलग अलग बनेंगे . पानी में उबाल आने के बाद नूडल्स को उबलते पानी में डालिये और फिर से उबाल आने के बाद 9-10 मिनिट तक नूडल्स को नरम होने तक उबाल लीजिये. उबले नूडल्स से अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये और ठंडे पानी से धो लीजिये. उबले नूडल्स को हल्का सा अलग अलग करते हुए उन्हें ठंडे होने दीजिए.
नूडल्स तलिए
कढ़ाही में तेल डालकर गरम करने रखिए. नूडल्स तलने के लिए एकदम अच्छा गरम तेल होना चाहिए और आग भी तेज ही रखें. गरम तेल में थोड़े थोड़े नूडल्स को डालकर इन्हें तल लीजिए. नूडल्स के हल्के से गोल्डन ब्राउन हो जाने पर और अच्छे से सिक जाने पर इन्हें प्लेट में निकाल लीजिए और बाकी बचे नूडल्स भी इसी तरह तलकर तैयार कर लीजिए.

सब्जियां फ्राय कीजिए
भेल बनाने के लिए पैन में 1 टेबल स्पून तेल डालकर गरम कीजिए. तेल गरम होने पर बारीक कटी हरी मिर्च डाल दीजिए. मिर्च के हल्का सा भुन जाने पर इसमें लम्बाई में बारीक़ कटे हुए गाजर, शिमला मिर्च और पत्ता गोभी डाल दीजिए और तेज आंच पर लगातार चलाते हुए 1 मिनिट तक हल्का सा क्रन्ची होने तक भून लीजिए. सब्जी में 1/2 छोटी चम्मच नमक डालकर मिक्स कर दीजिए.
सब्जी के भुन जाने पर इसमें चाट मसाला और टमैटो सॉस डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिलने तक मिला लीजिए. भेल बनाने के लिए मसालेदार सब्जी भी बनकर तैयार है.
भेल बनाएं
भेल बनाने के लिए एक बड़ा प्याला ले लीजिए. इसमें फ्राय किए हुए नूडल्स को तोड़ कर डाल दीजिए. फिर, इसमें सब्जियों को भी डाल दीजिए और अच्छे से मिक्स कर दीजिए. इसमें थोड़ा सा हरा धनिया भी डाल दीजिए. सभी चीजों के अच्छे से मिक्स हो जाने पर भेल बनकर तैयार है. नूडल्स भेल को प्लेट में निकाल लीजिए और हरे धनिये से सजाएं. स्वादिष्ट भेल नूडल्स को परोसिये और खाइये.

सुझाव
  •  सब्जियां आप अपनी पसंद अनुसार मशरूम, बेबी कॉर्न या जो चाहें पसंद करते हों ले सकते हैं

  • अगर आप प्याज और लहसुन खाना पसंद करते हैं तो आप सब्जियां फ्राय करने से पहले तेल में 3-4 लहसुन की कलियां बारीक काटकर डाल सकते हैं. 

  •   अगर आप अधिक तीखा चटपटा खाना पसंद करते हैं तो इसमें रेड चिल्ली सॉस या शेजवान सॉस भी डाल सकते हैं
  •    भेल बनाने के लिए नूडल्स को आप पहले से फ्राय करके एयर टाइट कंटेनर में भरकर रख सकते हैं और जब चाहें भेल बनाने के लिए इनका उपयोग कर सकते हैं.

  •    आप इसमें हरा प्याज डाल कर इसे गार्निश भी कर सकते हैं.

  •      आप इसमें पनीर या चीज़ भी कतरनों के रूप में डाल सकते है.

  •     किसी मेहमान के अचानक आ जाने से यह फटाफट बनने वाली डिश है.

  •  और क्रिस्पी बनाना है तो आप इसमें थोड़े से पास्ता भी फ्राय करके डाल सकते है.




मैं , मेरी मामूली सी चप्पल और चप्पल से लगी चोट

            जीवन में वैसे तो बहुत सारी घटनाएं घटित होती है कुछ हमें याद रहती है कुछ भूल जाते है कुछ घटनाएं ऐसी भी होती है कि अगर उस घटना से जुडी कोई वस्तु अस्तित्व में है तो उसे देखने पर हमें वो घटना याद आ जाती है और हम उस घटना को भूल नहीं पाते है ऐसा ही कुछ मेरे जीवन में भी हुआ था बहुत समय पहले की बात है 1999 की जब मैं 3 क्लास में ही पढ़ती थी आज के समय में हम कितनी सारी चीजें खरीदते है जो याद रहती है और कितनी ही चीज़े होती है जो भूल जाते है और उस वक्त हम कोई भी चीज़ खरीदते थे तो वो हमें याद जरुर रहती थी कि अच्छा ये उस वक्त खरीदी थी और अगर उसी चीज़ से जुडी घटना घट जाए तो समझिए वो याद में पक्की हो जाती थी

     
              उस वक्त मैंने भी एक जोड़ी चप्पल ली थी पहनने के लिए खरीद कर लाई तो सोचा की रात में पहनकर देख लेती हूँ पर मम्मी ने कहा बेटा अभी सो जाओ कल सुबह देख लेना वो शनिवार का दिन था और तारीख थी 9 मार्च  । मेरी मम्मी स्कूल में टीचर है उस दिन उनका सुबह का स्कूल था और वो सुबह से नाश्ता बनाकर स्कूल चली गई औऱ मेरा स्कूल 12 बजे लगता था

            मेरे घर के पास में मेरी बहुत सारी सहेलियाँ रहती थी चूंकि मैं पूरे मोहल्ले में घूमती रहती थी तो अपनी सहेलियों के घर भी चली जाती थी और मेरे घर के 10 कदम दूरी पर मेरी सहेली रोशनी का घर था उस दिन मैंने सोचा कि अभी तो स्कूल जाने में देर है तो तब तक उससे मिलकर आ जाउंगी बस पापा को यह कहकर निकली पापा मैं रोशनी के घर जाकर आती हूँ थोड़ी देर में पापा ने कहा बेटा जल्दी आना निकली तो थी बहुत अच्छे से मगर कुछ क्षण बाद घटने वाली घटने से बेखबर होकर झूमते हुए नई चप्पल पहनकर चल पड़ी थीं । मुझे इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था ये कुछ पलों में घटित होने वाली घटना मेरे लिए बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी करने वाली थी

    
           मैं घर से बढ़िया हरे रंग के फूलों वाली फ्राक और पैरो में नई नवेली चप्पल , हाथों में घड़ी पहने हुए निकली थी उन दिनों हम कोई भी नई चीज़ लेते थे तो सोचते थे कि सबसे पहले अपने मित्रों को अपनी ली हुई नई चीज दिखाएं और मैं भी नई चप्पल दिखाने के लिए भी गई अपनी सहेली के घर घर के बाहर निकलकर आंगन का दरवाजा बंद किया और मुड़ गई रोशनी के घर की ओर । ऊपर हमारी नानी रहती थी वो अपने घर के पोर्च पर कुर्सी लगाकर बैठी हुई लोगो की आवाजाही देख रही थी

              मैं अपने ही घुन मग्न होकर घर से कुछ कदम बढ़ा रही थी अपनी धुन में थी इसलिए मैंने चलते हुए देखा नहीं था कि नीचे गिट्टी पड़ी हुई है और थोड़ा सा कीचड़ भी फैला हुआ है हालांकि गलती थी तो मेरी ही मैंने देखा नहीं पर मेरी गलती तो यह भी नहीं थी मैंने नीचे गिट्टी डाली है । यह तो हमारे देश के लोगो की सबसे पुरानी आदत है कि घर पर कोई कामकाज चल रहा हो तो काम भले ही खत्म हो जाएं पर कुछ भी हो जाएं गिट्टी या मलबा हम नहीं उठाएंगे फिर भले ही उस पर चलते हुए कोई राहगीर गिर जाएं या वे खुद गिर जाएं जब 2 - 4 लोग गिर जाएंगे तब वे उठाने आयेंगे गिट्टी वगैरह

           और फिर वह घटना घट ही गई मेरा ध्यान नीचे था ही नहीं और पैरो में थी नई चप्पल बस मेरा पैर कीचड़ में फिसला और मैं अपना बैलेंस नहीं सम्भाल पाई और मुँह के बल नीचे जमीन पर पड़ी हुई गिट्टियों पर गिर गई l वहां बहुत सारी गिट्टियां थी सो 4 बार उठने के प्रयास करने के बाद भी मैं उठ नहीं पाई और रोने लगी क्योंकि मेरे घुटने पर गिट्टियां लगकर बुरी तरह मेरे घुटने को चोटिल कर चुकी थी बुरी तरह गिरने के बाद और ना उठ पाने के कारण जब तक कोई उठाने नहीं आया तब वहीं चीखते हुए दर्द से तड़पते हुए पड़ी रही ।

            यह तो अच्छा था कि उस दिन ऊपर नानी अम्मा बैठी हुई थी और मेरे पापा घर पर ही अपना लेखन कार्य कर रहे थे ।नानी ने जब मुझे गिरते हुए देखा तो नानी घबरा गिया नानी ने तुरंत मेरे पापा को ऊपर से आवाज दी आवाज़ का स्वर कुछ ऐसा ही था नानी मेरे पापा को आवाज़ दी अरे शरद बेटा जल्दी आ बेटा देख तेरी लड़की गिर गई उससे उठते नहीं बन रहा है पापा ने अपनी कविता बीच में छोडी और मुझे उठाने के लिए दौड़ चले आए । पापा ने मेरे पास आकर बोला अरे बेटा कैसे गिर गई तुम तो रोशनी के घर जा रही थी फिर कैसे गिर गई पापा ने कहा कि अच्छा चलो अपना हाथ दो पर मुझे इतना तेज़ दर्द हो रहा था कि मैं स्वयं से उठ भी नहीं जा रहा था । इसलिए फिर पापा ने मुझे अपनी गोद में उठाया और दौड़कर घर के अंदर लेकर आये मेरे बाएँ घुटने से बहुत तेजी से खून निकल रहा था और खून लगातार निकलने की वजह से मेरी फ्राक भी खराब हो गई थी

           पापा अंदर लेकर आये तो पहले मुझे आराम से सोफे पर बैठाया और कहा धीरे से अपने पैर को सीधा करने की कोशिश करो  । पापा ने फ्राक हटाकर देखा चोट बहुत गहरी लगी थी फिर पापा अंदर जाकर तुरंत मग्गे में पानी लेकर आये और मेरे घुटने पर लगे खून को साफ़ किया मुझे बहुत ज्यादा तेज़ दर्द हो रहा था पापा मुझे चुप कराते हुए चोट साफ़ कर रहे थे साफ़ करने के बाद फ्रिज में रखी ठंडी सोफ़्रमाइसिन क्रीम लगाई ताकि दर्द से कुछ राहत मिल सके फिर पापा ने मुझे खाने के लिए पोहा दिया क्योंकि मैंने सुबह से कुछ खाया नहीं था
   
            पापा ने कहा अभी आराम कर लो मम्मी आ जाइयेगी तो डॉक्टर को दिखा देंगे पर मेरा दर्द तो इतनी अभी राह नहीं देख रहा था कि मम्मी आ जाएँ तो उनके साथ जाएं । दर्द और तेज़ होने लगा फिर दर्द में कराहते हुए ही मैंने कपड़े बदले पापा किसी तरह मुझे स्कूटर पर बैठाकर आराम से पास के मौहल्ले में डॉक्टर साहू अंकल थे उनके क्लिनिक पर लेकर गये । मुझसे दर्द की वजह से खड़ा भी नही हुआ जा रहा था डॉक्टर अंकल ने चोट देखी और तुरंत दवाई दे दी और एक दर्द कम करने का एक इंजेक्शन भी लगा दिया और कहा ध्यान रखियेगा ठीक हो जायेगी चोट पर अभी थोड़ा समय लगेगा 

         फिर हम घर आ गये घर आकर दवाई खिलाकर पापा ने मुझे सुला दिया उस दिन स्कूल नहीं जा पाई क्योंकि चोट लगी थी पापा ने दवाई खाकर सुला दिया था मम्मी आई 12 बजे स्कूल से तो मम्मी ने पूछा आज स्कूल नहीं गई तो मम्मी को पूरी घटना बताई । फिर मम्मी ने भी मेरा ध्यान रखना शुरू किया क्योंकि इस चोट कि वजह से मैं बिलकुल असहाय हो गई थी । फिर मेरी मुश्किलों वाले दिनों की शुरुआत हुई मैं ना बैठकर नहा पाती थी , ना खड़े हो पाती थी , ना चल पाती थी , ना बैठकर खाना खा पाती थी , ना टॉयलेट जाती पाती थी , पेअर सीधा नहीं कर पाती थी । एक बार बैठ जाती थी तो फिर दुबारा खड़े नहीं हो पाती थी मेरे सारे काम मम्मी ही करती थी । चोट लगने की वजह से मैं बहुत दिनों तक स्कूल भी नहीं गई थी इसलिए फिर मम्मी ने रिक्शे वाले भैया से स्कूल में छुट्टी की एप्लीकेशन भिजवा दी थी इस तरह पूरे 10 दिन स्कूल नहीं गई

        अप्रैल का महीना शुरू हो गया था स्कूल के साथियों ने घर वापस आते वक्त बताया कि वार्षिक परीक्षा शुरु होने वाली है तो फिर सिलेबस पता करने के लिए तुम्हें स्कूल जाना पड़ेगा किसी तरह हिम्मत करके मम्मी मुझे रिक्शे में बैठाकर स्कूल जाने देती थी । स्कूल में भी मुझसे बैठा नहीं जाता था तब तक चोट तो थोड़ी सी ठीक हो गई थी पर पूरी तरह ठीक होने में काफी वक्त लगेगा इसलिए मेरे स्कूल के साथी मेरी बहुत मदद करते थे मुझे झुकने नहीं देते थे , मेरे बेंच पर बैठने के लिए लोग रास्ता बना देते थे चोट लगे होने की वजह से मेरी चाल ही बदल गई थी सीधे हाथ बेंच पकड़कर और बाएं घुटने की तरफ का स्कर्ट अपने हाथ से उठाकर ही पूरे स्कूल में चलना पड़ता था

           
इसे ज़ूम करके देखिये दोनों सिस्टर्स के बीच में पीछे हाथ किए हुए मैं चश्मे में खड़ी हुई हूँ : कोपल 
      चोट लगने की इन घटनाओं के बीच एक अच्छी बात भी हुई मेरा स्कूल अंगरेजी माध्यम का था वहां सभी को इंग्लिश ही बोलना पड़ती थी
मैं इंग्लिश काफी अच्छी बोल लेती थी और आज भी बोल लेती हूँ इंग्लिश में बातचीत कर लेती हूँ और इसी दौरान स्कूल में एक प्रतियोगिता रखी गई कि जो स्टूडेंट क्लास और स्कूल में  १ महीने तक इंग्लिश में बात करेगा तो उस स्टूडेंट का नाम हमें क्लास का मोनिटर आकर बताएगा कि किसने सबसे ज्यादा इंग्लिश बोली है फिर उसे इनाम दिया जाएगा इस बीच हिन्दी में बात नहीं करना है । मैं नियम और कायदों की पक्की ईमानदार हूँ । मैंने पूरी ईमानदारी से १ महीने तक सभी से इंग्लिश में बात की इसलिए मुझे १ महीना पूरा होने पर पूरी क्लास में आकर मुझे हमारी सिस्टर ने कहा ( स्टूडेंट्स आप सभी के लिए एक अच्छी खबर है कुछ दिनों पहले आप सभी को एक टास्क दिया गया था कि जो स्टूडेंट पूरे 1 महीने तक इंग्लिश में बात करेगा उसे इनाम दिया जाएगा औऱ आपकी क्लास में यह पुरस्कार कोपल कोकास को दिया जा रहा है । सभी स्टूडेंट्स ने तालियां बजाकर तारीफ़ करते हुए अपनी ख़ुशी व्यक्त की । फिर वह सिस्टर मेरे पास आई और उन्होंने मुझे वेरी गुड़ कहते हुए 1 पेन्सिल और रबर इनाम के रूप में दिया और यह कहा always speak in english like this. मैंने उनके पैर छूने की कोशिश कि मगर नीचे नहीं झुक पाई पास बैठी मेरी दोस्त आसमा से कहा प्लीज तुम मेरे बले सिस्टर के पैर छू लो मेरी बार मानकर उसने पैर छुए और सिस्टर ने मुझे bless you का आशीर्वाद दिया

        
          इस खुशी वाली घटना के बाद परीक्षाएं शुरू हो गई मैं घर पर ही रहकर आराम भी करती रही और पढ़ाई भी , बीच - बीच मेरी घर के पास रहने वाली सहेलियाँ आती मुझे बाहर ले जाने की कोशिश करती मगर मैं दर्द की वजह से ज्यादा दूर नहीं जा पाती और वो लोग मुझे घर तक छोड़ने आ जाती फिर शुर हो गई परीक्षाएं मगर बीच में एक दिन जब कम्प्यूटर का पेपर था उस दिन साथ में हमसे जो सीनियर्रस थे उनका भी था कप्यूटर का ही पेपर , पेपर वाले दिन मैं क्लास में गई जहां मेरा रोल नम्बर लिखा था वहीं पर कुछ बदतमीज़ लड़के बैठे हुए वे सीनियर्स तो थे मगर वाकई उनमें यह तमीज़ नहीं थी कि पहली एक तो किसी लड़की की इज्जत करें दूसरी किसी मरीज की सहायता करें उन बदतमीज़ लड़को ने बेंच और मेज बहुत आगे कर ली थीं जिसकी वजह से मेरी बैठने वाली जगह की बेंच बहुत सट गई थी इतनी सटी थी कि मेरा पैर भी अंदर नहीं जा सके पहले तो मैंने प्रयास किया कि हाथ से बेंच सरका लूं पर बेंच नहीं सरकी मैंने उन लड़कों से कहा कि प्लीज़ बेंच थोड़ी आगे सरका दीजिए मुझे बैठना है पेपर लिखना है मगर उन लोगों ने मेरी बात को सुनकरअनसुना कर दिया

         मैंने अपने पैर से फिर कोशिश कि मगर मेरा पैर बायाँ पैर जाकर बेंच में फंस गया और चोट वाली जगह पर फिर से चोट लग गई पास बैठे स्टूडेंट्स ने भी कहा अरे बेंच हटा दो न उसे बैठना है तो बदतमीज़ लड़के ने कह दिया तू क्यों बोल रहा है तू चुपचाप बैठे रह । फिर मैडम ने भी कहा मगर उनकी बात भी उसने नहीं सुनी मैंने देखा मेरे घुटने से खून बहने लगा मैंने रोते हुए प्लीज कहा मगर वो फिर भी नहीं माना और मेरे रोने पर वो लड़के हंसने लगे मैंने उन्हें चिल्लाया और कहा मुझे चोट लगी है इसलिए मैंने आपसे बेंच आगे सरकाने के लिए कहा अगर चोट नहीं लगी होती तो तो कूदकर चली जाती मैंने उन लड़कों से कहा कि आप लोग बहुत लोग बुरे औऱ बदतमीज हो जो किसी की हेल्प करना नहीं जानते बल्कि उसकी मजबूरी सिर्फ हंसना जानते है मेरी डांट और गुस्सा सुनकर उन लड़कों का हंसना मजाक उड़ाना तो बंद हो गया था मगर उन लोगो ने बेंच नहीं आगे सरकाई मजबूरन मुझे अपने दोनों पैर बाहर निकालकर आड़े बैठे हुए 3 घंटो तक पेपर देना पड़ा बाद में वही पेपर मेरे बहुत अच्छा बना था  

      परीक्षाओं के दौरान मैं जब भी स्कूल जाती थी तो रिक्शे वाले अंकल पहले दुसरे बच्चों को स्कूल छोड़कर आते थे और मुझे सबसे अंत में लेकर आते थे ताकि मैं आराम से जा सकूं क्योंकि दुसरे बच्चों के साथ पैर रखने में तकलीफ बहुत होती थी । जाते वक्त रिक्शे वाले अंकल मुझे गोद में उठाते थे और  पेपर के बाद भी मुझे लिटाकर उतारते मम्मी और रिक्शे वाले अंकल मुझे लिटाकर उतारते मम्मी और रिक्शे वाले अंकल  ।परीक्षा के बाद 2 - 3 महीने लगे चोट पूरी तरह ठीक होने में
    

      मात्र एक मालूमी सी चप्पल भी मेरे लिए यादगार हो गई एक चोट जो दे गई थी यह चोट मुझे हमेशा याद रहेगी आज वह चप्पल तो नहीं है मेरे पास पर मेरे बाएँ घुटने पर उस चोट का निशान आज भी कायम है कभी - कभी ऐसा भी होता है कि हम बहुत सारी चीज़े खरीदते है और वो चीज़ और उससे जुडी कोई घटना हमें हमारे लिए हमारे जीवन की ना भूलने वाली घटना बन जाती है ये तो चीजे है जिन्हें हम वक्त के साथ भूल जाते है या फिर जीवनपर्यन्त याद रखते है ।