सुनिये कहिये, कहिये कहते सुनते बातों बातों में प्यार हो जाएगा


              विवाह के बाद स्त्री -पुरुष अपना नया जीवन शुरू करते बंधन होता है विवाह बंधन आपसी समझदारी विशवास का नये रिश्तो की शरुआत का , जीवनभर एक दुसरे के साथ चलने का प्रेम समायोजन का मजबूत बंधन है ।अत: विवाह के बाद जीवन को खुशहाल एवं सरल बनाने के लिए बहुत सारे समायोजन करने पड़ते है  क्योकि दोनों ही अलग - अलग प्राणी है इसलिए खटपट तो होगी ही पर रिश्तो में प्यार बना रहे इसके लिए ये करे -

  •         अच्छे वैवाहिक समायोजन के लिए यह जरूरी है पति -पत्नी दोनों एक दुसरे संवेगात्मक रूप से जुड़े और एक दुसरे को प्यार दे व् ले
  •         एक दूजे के लिए आत्मीयता बनाये रखे एक दुसरे के मुश्किल वक्त में साथ एक दोसरे की उलझनों को सुलझाए 
  •         एक दुसरे के प्रति समझ और विशवास  बनाये रखे विशवास रिश्ते की डोर को मजबूत बनाता है 


  • एक दुसरे की रुचियों, एक दुसरे की स्वत्रन्त्रता, तनाव व् भावनाओं को  समझे     
  • \एक दुसरे के पैशन को पूरा करें में मदद करे चाहे वो लेखन कला ,पेंटिंग ,गीत संगीत,

           
    • दोनों के बीच में किसी भी  बात के लिए झगड़ा हो बहस ना करेशांत जगह पर जाए आराम से बाते करे एक परिपक्व चर्चा करे यह रिश्तो को मजबूत बनाता है
    • ऐसी कोई बात ना करे जो एक दुसरे को कष्ट दे 
    • एक दुसरे को भरपूर वक्त दे चाहे अपने विवाहित जीवन को कम वक्त हुआ है या ज्यादा
    • झगड़े या समस्याओं को बिस्तर पर ना लेकर जाए जो भी बाते है वो सोने से पहले ही उनको सुलझा ले
    • हर शादी में समस्याएँ हो सकती हैलेकिन महत्वपूर्ण यह है कि उसके समाधान के लिये प्रयास करें। यदि आपके अनुसार आपके साथी नें कुछ गलत किया हैतो आप में उसको वापस प्यार करने की और स्थिति को सामान्य करने की क्षमता होनी चाहिए। लंबे समय तक लड़ाई का सत्र वैवाहिक संबंधों में शांति और सद्भाव को खत्‍म कर सकता हैं।
    • जिस भी विषय को लेकर आपस में तनाव हो रहा है तो आपस में दोस्तों की तरह अपने मन की बाते करे कहे व्ए सुने एसा बिलकुल ना करे की सिर्फ एक बोले दूसरा चुप रहे दोनों सुने भी बोले भी एक दूजे से बांटे सलाह ले एक दुसरे की तारीफ़ और हो या नापसंद , अपनी भावनाओं को एक दुसरे से बांटे और उसके अनुसार परिस्थितियों का तुरंत समायोजन करना सबसे अच्छा तरीका है।
    • रिश्तो में खेलो को मनोरंजन को वक्त दे
    • चाहे गलती पति की हो या पत्नी उसे तुरंत मान ले की हाँ मेरी गलती है बहाने ना बनाये और अपने साथी को धोखे में ना रखे इससे रिश्तो में एक दुसरे के भरोसे को बनाये रखिए नहीं अविश्वास के कारण रिश्ते में क्षति हो सकती है एक दुसरे के लिए इमानदार रहे
    • विवाह को सफल बनाने के लिए केवल खुद के बारे में सोचनें से बचें।
    •  अपने रिश्ते में पारदर्शिता बनाए रखें। आप शाम में चाय कॉफी पीते वक्त एकसाथ बैठ करदिनभर की घटनाओं के बारे में बातें कर सकते हैं। 
    • अपने साथी की खुशी के लिए कोई छोटा सा काम करे तोहफे , फूल ,कार्ड दे या लेटर या साथ की फोटो कोलोज या वीडियो मूवी देकर अपने मन की बात कहे छोटी सी खुशी उनके चेहरे की मुस्कान आप दोनों को और करीब लायेगी आप अपने प्यार को इन माध्यमो से जताते रहे 
    • अपने साथी को आप उससे प्यार करते हैयह अपने व्यवहार के माध्यम से हर रोज दर्शाए
    • शिकायत या एक लड़ाई की पूरी ना हो जाए , कभी भी उपेक्षा ना करे।
    • खुशी के लिए छोटे कदम बढने का मतलब हैंखुशी के लिए अपने रास्ते से छोटी समस्याओं को दूर हटाना।
    • रिश्तो में आने के बाद जिम्मेदारिया ही होती है काम में तक सम्भव हो एक दुसरे की मदद करे अक्सर पति - पत्नीको इस बात से परेशानी होती है की वे एक दुसरे मदद नहीं करते है और वे अकेले हो जाते है अगर दोनों अकेले है तो मदद हो सकती है इससे काम आसानी से निपट जायेंगे 
    • हर तनाव की स्थिति का अंत आनन्द के एक सत्र के साथ होना चाहिए। दोनो को साथ में कुछ समय अकेले बिताना , कहीं घूमने जाना या रात के खाने के साथ फिल्म देखने जाना यह उपाय हो सकता हैं।
    • अगर आप दोनों को खाना बनाना आता है तो अपनी पाक कला का जादू दिखाइये किसी दिन आप एक दुसरे के साथ किचन में कुछ एक दुसरे की पसंद की डिश बनाइए इससे प्यार अपनापन और एक दुसरे के लिए इज्जत बढ़ेगी अपने आप को कड़वी यादों को भूलने का और बेहतर भविष्य का मौका दे।
    • एक प्लान बनाइए की हर हप्ते या महीने चाहे कितनी भी व्यस्तता हो 1 या 2 दिन बाहर कंही दोनों में से किसी एक पसंद की जगह घूमने जायंगे उस दौरान ऐसी बाते नहीं करे जिनसे झगड़ा हो सकता है  
    • एक दुसरे के माता पिता परिवार रिश्ते नातो को समय दे  
    • अक्सर देखा जाता पति -पत्नी दोनों में से कोई एक कम पढ़ा लिखा है , नौकरी का पैकज दोनों के अलग - अलग तो इस बात के लिए झगड़े होते है जो जैसा है उसे वैसा स्वीकार करे तुलना ना करे क्योकि हर चीज एक जैसी नहीं होती है किसी व्यक्ति में कुछ कम हो सकता है तो कुछ ज्यादा आप अपेक्षा ना करे
    • ससुराल पक्ष में सास ससुर देवर व् ननदों के साथ अच्छा व्यवहार रखे पति -पत्नी दोनों को ससुराल पक्ष से समायोजन करना चाहिए
    • अपने विवाह के बंधन को रिश्ते को मजबूत बनाना है तो एक दुसरे के लिए सोचे बातो को अधिक ना बढने दे सयंम से आराम से काम ले 

4 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (22-09-2017) को "खतरे में आज सारे तटबन्ध हो गये हैं" (चर्चा अंक 2735) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Kavita Rawat ने कहा…

आपसी प्यार बरक़रार रखना जरुरी है
बहुत अच्छी प्रस्तुति

कोपल कोकास ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
कोपल कोकास ने कहा…

कविता जी धन्यवाद
यह हमारा सृजन और कला हो की रिश्ते को किस तरह बनाकर रखना है और किस तरह आपसी प्रेम बनाकर रखे

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