सबसे महान जीत प्रेम की होती है , ये हमेशा के लिए दिल जीत लेती है - सम्राट अशोक



                                                     qutoes of smarat ashok 

Name
Ashoka Maurya / अशोक मौर्या  
Born
304 BCE
Pataliputra, Patna
Died
232 BCE (aged 72)
Pataliputra, Patna
Occupation
Indian emperor of the Maurya Dynasty who ruled almost all of the Indian subcontinent from c. 268 to 232 BCE.
Nationality
Indian
Achievement
One of India’s greatest emperors, Spread Buddhism across Asia. His symbol Ashoka Chakra is depicted on the flag of India.





















                 








  अशोक महान को भारत के महानतम सम्राटों में गिना जाता है । अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिंद्कुश की श्रेणियों से लेकर दक्षिण में गोदावरी नदी के दक्षिण और मैसूर तक और पूर्व में बंगाल से पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला हुआ था उस उस समय तक सबसे बड़ा भारतीय साम्राज्य माना जाता है

           जानते है इस महान सम्राट के अनमोल विचार


सभी इंसान मेरे बच्चे है जो मैं अपने बच्चों के लिए करना चाहता हूँ , मैं इस दुनिया में और इसके बाद भी उनका भला और खुशी चाहता हूँ , वही मैं हर इंसान के लिए चाहता हूँ । आप नहीं समझते है की किस हद तक मैं ऐसा चाहता हूँ और अगर कुछ लोग समझते है तो वे ये नहीं समझते की मेरी इस इच्छा की पूरी हद क्या है ।
अशोक

हर धर्म में प्रेम ,करुणा और भलाई का पोषक कोर है बाहरी खोल में अंतर है , लेकिन भीतरी सार को महत्व दीजिये और कोई विवाद नहीं होगा किसी चीज को दोष मत दीजिये , हर धर्म के सार को महत्व दीजिये और टीवी वास्तविक शान्ति और सद्भाव आएगा
अशोक
किसी को सिर्फ अपने ड्रम का सम्मान और दूसरों के धर्म की निंदा नहीं करनी चाहिए
अशोक

मैंने कुछ जानवरों और कई एनी प्राणियों को मारने के खिलाफ़ क़ानून लागू किया है ,लेकिन लोगों के बीच धर्म की सबसे बड़ी प्रगति जीवित प्राणियों को चोट न पहुँचाने और उन्हें मारने से बचने का उपदेश देने से आती है
अशोक

अन्य सम्प्रदायों की निंदा करना निषेध है ; सच्चा आस्तिक उन सम्प्रदायों में जो कुछ भी सम्मान देने योग्य है उसे सम्मान देता है
अशोक
सबसे महान जीत प्रेम की होती ही , ये हमेशा के लिए दिल जीत लेती है
अशोक

जानवरों व अन्य प्राणियों को मारने वालो के लिए किसी भी धर्म में कोई जगह नहीं हैं.
अशोक

दूसरो के द्वारा बताये गये सिद्धांतो को सुनने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए.

अशोक

जितना कठिन संघर्ष करोगे, आपके जीत कि ख़ुशी भी उतनी ही बढ़ जयेगी.

अशोक



सफल राजा वही होता हैं, जिसे पता होता हैं कि जनता को किस चीज की जरूरत हैं.

अशोक

कोई भी व्यक्ति जो चाहे प्राप्त कर सकता हैं, बस उसे उसकी उचित कीमत चुकानी होगी.

अशोक

एक राजा से ही उसकी प्रजा की पहचान होती हैं.

अशोक


वह व्यक्ति जो अपने सम्प्रदाय को ऊँचा दिखाने के लिए दूसरे संप्रदाय का मजाक बनाता है, वह ऐसा करके अपने ही सम्प्रदाय को बहुत नुकसान पहुंचाता है.

अशोक

हमें अपने माता पिता का आदर करना चाहिए और अपने से बड़ों का भी. जो जीवित प्राणी है उनके प्रति दया दिखानी चाहिए और हमेशा सच बोलना चाहिए.

अशोक

अपने सम्प्रदाय की गरिमा दिखाने के उद्धेश्य से किसी का आदर नहीं करना चाहिए और न ही किसी और के सम्प्रदाय को नीचा दिखाना चाहिए.

अशोक




1 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (16-10-2017) को
"नन्हें दीप जलायें हम" (चर्चा अंक 2759)
पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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