इंदौर का इंदौरी पोहा

पोहे 
हर प्रांत के पोहे में एक ख़ास बात होती है मध्यप्रदेश के इंदौर में सौंफ का ज्यादा प्रयोग किया जाता है इसलिए इंदौर का पोहा बहुत फेमस है दीवाली के बाद वैसे भी ढेर सारे मीठे पकवानों का लुत्फ़ उठाने के बाद मन करता है कुछ नमकीन खाया जाए इंदौर में मेरी मौसेरी बहन दीदी रहती है जब उनके पास गई थी उनसे सीखा था इंदौर का इन्दोरी पोहा और इसमें उपर से सेव जरुर डाले सेव के बिना इंदौर का पकवान अधूरे है

सामग्री

एक कप पोहा

2 टेबल स्पून कुकिंग ऑयल

1 टी स्पून सरसों के दानें

1 टी स्पून जीरा 1

टी स्पून सौंफ

1 टेबल स्पून कच्ची मूंगफली

½ टी स्पून अदरक (कटी हुई)

 2 हरी मिर्च (अच्छी तरह कटी हुई)

7-8 करी पत्ते

½ टी स्पून हल्दी पाउडर

½ टी स्पून लाल मिर्च पाउडर

स्वादानुसार नमक

एक टेबल स्पून चीनी

2 टेबल स्पून धनिया पत्ती (कटी हुई)

1 प्याज (कटा हुआ)

¼ कप अनार के दाने

विधि

सूखे पोहे को साफ कर लें और फिर पानी छिड़ककर गीला कर लें. जब पोहा पूरी तरह पानी सोख ले तो चीनी और नमक डालकर सही तरह मिलाएं.

अब कढ़ाई में तेल गरम कर सरसों के दाने डालें. जब ये तड़क जाएं तो मूंगफली डालकर एक मिनट तक भूनें. एक मिनट बाद इसमें हरी मिर्च और करी पत्ते डालें और प्याज के भूरा होने तक पकायें.

अब इसमें सौंफ, अदरक, हल्दी, धनिया, लाल मिर्च पाउडर डालकर कुछ मिनट और पकायें. पोहा डालें नमक, चीनी और नींबू रस डालकर एक बड़े चम्मच से अच्छी तरह चलाएं और सारी सामग्री मिक्स कर लें.
और अच्छी तरह मिलाएं. कढ़ाई को किसी चीज से ढक दें और 5 मिनट दीमी आंच तक पकायें.


अब कड़ाही को एक प्लेट से ढक कर 2 से 3 मिनट तक मध्यम आंच पर पोहा पकने दें. इसके बाद गैस बंद कर दें.

आंच को बंद कर दें और इस पर कटे प्याज, हारा धनिया और अनार के दाने डालें. आपका स्वादिष्ट इंदौरी पोहा तैयार है. आप इस पर नमकीन सेव भी बुरक सकते हैं.

2 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (25-10-2017) को
"प्रीत के विमान पर, सम्पदा सवार है" (चर्चा अंक 2768)
पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

कोपल कोकास ने कहा…

धन्यवाद शास्त्री जी

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