रजनीगन्धा फूल तुम्हारे महके यू ही जीवन में

                  क्या आप जानते है घर में फूलो की सजावट कैसे करे
हमारे घर के ड्राइंग रूम में फूलो की कला 

पुष्पों की सजावट करते समय यह ध्यान रखे की पुष्प सज्जा देखने में सरल व् आकर्षक हो

घर की सजावट साधारण है तो बड़े (फ्लावर वास) व बहुत अधिक रंग-बिरंगे फूलों की आवश्यकता नहीं है. हल्के रंग और बड़े आकार के फूल आपके घर के लिए ठीक रहेंगे

फूलो व् फूलदान का चुनाव करते समय कमरे व् परदों के रंग का ध्यान रखे

हमेशा फूल और फूलदान ऐसे चुनें, जो घर के अनुसार ना हो ना की अलग नजर आए
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टहनियों की लम्बाई में विविधता रखे एक जैसी लम्बाई नीरसता पैदा करेगी

घर में व्यवस्था ऐसी रखे की हर फूल अलग अलग नजर आये

फूलदान सही , आकार स्वरूप और लम्बाई का हो गहराई का भी ध्यान दे

फूलों की टहनियां उलझी नहीं होना चाहिए

कभी ताजे खिले फूल लगाने चाहिए तो कभी नकली फूल लगाने चाहिए

ताजे फूलो में रोज पानी डाले पानी डालने से वे खिले - खिले रहेंगे

फूलों की सजावट करते समय किस तरह सजाना है उसके बारे में किताबो में जरुर पढ़े

फूलो व फूलदान की उंचाई , रंग पर ध्यान दे
हमारे किचन की शेल्फ में सजे फूल 

अगर ज्यादा फूलो को एक साथ रखना है तो ओएसिस ब्रिक का प्रयोग करे

किताबो के कमरे  बाथरूम व घर के कोने कोने में रंग- बिरंगे फूलों रखे जा सकते है  हैं. हॉल सोफे के पास एक बड़ा वास रखें और उसमें खूबसूरत फूल सजाएं. इससे कमरा और खूबसूरत दिखेगा

अगर यह समझ नहीं आ रहा है की कमरे के रंग और कमरे के हिसाब से कौन से फूल रखे तो मोगरे या रजनीगन्धा भी लगाये जा सकते है

खुशबूयुक्त फूल लगाने चाहिए इससे घर सुंदर भी दिखता है और मन खुश भी रहता है 


जरूरी नहीं है की आप बाजार से महंगे फूल और फ्लावर वास लेकर आये घर में कांच के कंटेनर, बोतल या तो होते ही है आप उनमे भी या किसी कंटेनर को पेंट करके, रिबन या क्ले से बेहद खूबसूरत बना सकती हैं

1 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (04--10-2017) को
"शुभकामनाओं के लिये आभार" (चर्चा अंक 2747)
पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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