हमारे घर के ऑक्सीजन प्लांट्स


                   
                          आप जब स्वयं पेड़ लगाते है तभी पेड़ो का महत्व समझ पाते है
                              नहीं तो इन्ही हाथों से ही कुदाल चलाकर पेड़ काट लेते है

हमारे बगीचे में मम्मी पापा पेड़ लगाते हुए 

       पेड़ -पौधे कुदरत का बहुत अनमोल तोहफा ही नहीं है बल्कि ये पृथ्वी का घर आंगन का श्रृंगार है  आज जो संसार में हरियाली इन पेड़ो की वजह से ही तो है हमारा जीवन अगर हाँ ना तो पेड़ो की वजह से ही है ये जो ठंडी - ठंडी हवाएं चलती है जिसे महसूस करते हुए हम कहते है आहा कितना मजा आ रहा है हम ठंडी हवा जब चलती तो अपने घरों से बाहर सड़क पर निकलकर सैर करते है हम जो सुकूनभरी प्रदूषण मुक्त सांस लेते है वह भी पेड़ो के कारण ही है , कभी जब तेज धूप में चलते - चलते थक जाते है हम जाकर पेड़ो की शीतल छाँव में खड़े हो जाते है पेड़ो के पत्तो से हवा लगते ही हमारी थकान दूर हो जाती है ,पेड़ हर मौसम ठंडी,गर्मी,बारिश में हमारी रक्षा करता है ,ये हमे फल,फूल,लकड़ी ,इंधन आदि बहुत सी उपयोगी चीजे देते है इंसान क्या पशु-पक्षी का जीवन भी इन्ही पेड़-पौधों से चलता है पशु घास और पेड़ो के पत्तो को खाते है हम मानव भी इन पेड़ो से ही भोजन प्राप्त करते है पेड़ो से ही वर्षा होती है अनेक दवाइयां हमे पेड़ो से मिलती है ।
मैं हमारे बगीचे में पेड़ लगाने के लिए मिट्टी खोदते हुए 
       पौधे से हम जीने के लिए सांस लेने के लिए ऑक्सीजन लेते है ये हम जो कार्बनडाई ऑक्साइड अवशोषित कर लेते है पेड़ पौधों आसपास जो प्रदूष्ण हो रहा है उसे रोकने का काम करते है  पेड़ हमसे कुछ लेते नहीं और वर्षो तक हमारी सेवा करते है , पेड़ हमारी अचानक जो बाढ़ आने वाली उससे रक्षा करते है ।
       भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए पड़े पौधों का होना बहुत जरूरी है कई ऐसे पेड़ है जो हमे बीमारियों से बचा लेते है जैसे नीम इसके पत्तों का रस ,बीज,तना सब कुछ हमारे लिए बहुत उपयोगी होता है कागज,माचिस उद्योग इन्ही से चलते है इन्ही से लाख,गोंड,हर्रा,रबर,चन्दन,शहद हमे मिलते है पशुओं के लिए चारा मानव जीवन के लिए इमारती लकड़ी वनों से ही मिलती है ।
      अपने आसपास पेड़ - पौधे लगाना बहुत जरूरी है आज पेड़ो की अंधाधुंध कटाई की जा रही है हरियाली  ,प्राकृतिक सौन्दर्य समाप्त होती जा रही है हमारे जीवन के खतरे की घंटी ही तो है सोचिये ज़रा की अगर हमारे आसपास पेड़ -पौधे नहीं होगे तो कैसा होगा जीवन हम सांस ही नहीं ले पायेगे चारो ओर बस गाडियों का प्रदूषण,दूषित वातावरण बेघर पशु, दवाइयां मिलना मुश्किल, बाढ़ ,सूखा,बढ़ता तापमान,पानी की कमी,मौसम में परिवर्तन इन सब में बढ़ोतरी हो रही है  ।


मेरे घर का श्रृंगार 



                     मैं जब अपने मम्मी पापा के साथ आज से दस साल पहले अपने नए घर जो की न्यू आदर्श नगर में रहने आई थी तब हमारी स्ट्रीट बहुत सूनी थी एक भी पेड़ नहीं थे हम तीनो मम्मी पापा बेटी ने मिलकर कम से कम पचास पेड़ लगाए है आज हमारी न्यू आदर्श की स्ट्रीट 7 हरी - भरी दिखती है हमने सिर्फ इन पेड़ो को लगाया नहीं है बल्कि इनमे सुबह -शाम रोज बिना भूले पानी भी दिया है ताकि ये आगे आने वाले समय तक खूब फूले -फले हरियाली दे आज जब कोई राहगीर रास्ते में धूप से बचने के लिए पेड़ की छाँव में खड़ा हो जाता है तो अपने इस नेक काम के लिए प्रसन्नता होती है की पेड़ की छाँव में खड़े होने पर राहगीर को कोई तकलीफ नहीं होगी ।
घर का प्यारा क्रिसमस ट्री 
हमने अपने घर के सामने चम्पा का पेड़ ,नीम ,पारिजात ,रातरानी ,मोगरा पीपल जैसे कई बहुमूल्य पेड़ लगाए है जब शाम होती है तो इनकी खुशबू से मन खुश हो जाता है आज तक हमने किसी पेड़ की कटाई नहीं की क्योंकि मैं सोचती हूँ लोग बोलते है पेड़ तो बोलता नहीं है ऐसा नहीं महसूस कीजिए पेड़ भी बोलता है हां मित्रों पेड़ अपने मुहं से नहीं बल्कि आने वाले संकटों पर बोलता है की मुझे मत काटो , मेरा महत्व समझो ।
                    हरी-हरी नर्म घास, प्यारे-प्यारे फूल ,स्वादिष्ट फल,शीतल छाँव, यह सब पेड़ के कारण है आज जब कहीं किसी को पेड़ो की कटाई करता देख बहुत दुःख होता है लोग आते है कुदाली , फावड़ा लेकर और बेरहमी से पेड़ को काट देते है एक बार सोचे तो सही पेड़ पर कुदाली चलाने से पहले की जब मैं थक जाऊँगा धूप लगेगी तो ऐसे ही ही किसी पेड़ की गोद में लेटकर सो जाऊँगा तब
घर के बगीचे में पाम ट्री 
मुझे कितना सुकून मिलेगा और पेड़ काटते वक्त ये बात क्यों उसके दिमाग में नहीं आती की ये पेड़ ही नहीं रहेगे तो जीवन का कैसे बीतेगा ।
हमारे घर का मनमोहक चंपा 
                   इस महत्वपूर्ण स्थिति में पेड़ो की रक्षा करना और पेड़ लगाना चाहिए आइए हम सब पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकने की प्रतिज्ञा ले और पेड़ो को बचाने में एक अमूल्य योगदान करे। यदि पेड़ सिर्फ हमारे लिए नहीं आने वाली पीढियों के लिए एक धरोहर है ।
आप भी सोचिये अपने घर में घर के आसपास पेड़ लगाइए बचा लीजिए अपने जीवन व पर्यावरण को आने वाले संकट से । जैसे हमारा जीवन है पेड़ -पौधों का भी एक जीवन है  ।
आज की ताज़ा तस्वीर : मेरे बगीचे में पेड़ की ठंडी छाँव में सोता हुआ मजदूर 

3 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (06-010-2017) को
"भक्तों के अधिकार में" (चर्चा अंक 2749)
पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर पोस्ट।

कोपल कोकास ने कहा…

सुशील जी धन्यवाद

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