आज विश्व पुस्तक वाचन दिवस है

               
मेरे घर विशाल पुस्तकों का संसार
         आज विश्व पुस्तक वाचन दिवस है  हमारे जीवन में पुस्तकों का बहुत महत्व होता है समाज में पुस्तकों की उपयोगिता और पुस्तकों के पाठक वर्ग के सन्दर्भ में बात करते हुए हमारे अवलोकन के परास में सामान्यतः वह समाज होता है जो अध्यापन, लेखन अथवा ऐसे ही किसी सामाजिक कार्य से सम्बन्ध रखता हो और पुस्तकें उसकी आवश्यकता की वस्तु हो । हम सभी पढ़े-लिखे लोगों के समाज के बीच रहते हैं और साधारणतया सुशिक्षित लोग हमारे आसपास होते हैं , किन्तु आवश्यक नहीं है कि सभी की रूचि पुस्तकों में हो । यह वह मध्यवर्गीय समाज है जिसे जीवन की न्यूनतम सुविधाएँ हासिल हैं । वे लोग जो शहरों या कस्बों में रहते हैं जिन्हें जीवनयापन हेतु रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं , जो पढने का महत्त्व जानते हैं तथा अपनी आनेवाली पीढ़ी के लिए शिक्षा की सुविधा एवं उपलब्धता के प्रति सचेत हैं ।

            पुस्तकें जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती हैं , पुस्तकों की उपयोगिता शिक्षा से लेते हैं पुस्तकें शिक्षा ग्रहण करने का एक साधन मात्र हैं । हम पुस्तकों का उपयोग तभी तक करते है जब तक स्कूल कॉलेज जाते है या फिर किसी रोजगार में होते है रोज़गार प्राप्त करने के बाद उनके जीवन से पुस्तकों का सम्बन्ध सदा के लिए समाप्त हो जाता है । यदि प्रतियोगी  परीक्षा में बैठने या किसी तकनीकी ज्ञान के लिए पुस्तकों की आवश्यकता होती है तभी वे पुस्तक पढ़ते हैं । पुस्तकों से सम्बन्ध तब तक ही बना रहता है जब तक पुस्तकें उनके लिए अनिवार्य न हो अथवा वे एक ऐसे व्यवसाय से जुड़े न हों जहाँ पुस्तक पढ़ना उनकी जरूरत न हो ।

            मेरे पापा अक्सर कहते है बेटा जीवन आप कभी अकेले नहीं हो सकते जब भी अकेलापन महसूस हो बस एक किताब उठाओ और पढ़ने बैठ जाओ किताबों से अच्छा कोई मित्र नहीं है जब कोई मित्र पास ना हो तो मित्रों किताबे हमारी मित्र बन जाती है सारे दुःख दूर कर देती है  हम पूरे जीवन में ना जाने कितनी सारी किताबे पढ़ते है कुछ कोर्स की , कुछ कहानी , कविताओं , कुछ फिक्शन और अन्य बहुत सारा ज्ञान भरा हुआ है इनमें एक बार पढ़ने बैठ जाओ बस इतना मजा है इन किताबों की दुनिया में की इस दुनिया से बाहर आने का मन ही नहीं होता है जितना चाहे पढ़ो मन नहीं भरता है ।

            वाकई मित्रों किताबे हमे एक ऐसी दुनिया की सैर कराती है की जब भी पढ़ो हम उसकी कल्पना में डूबने लगते है मानो जो हम पढ़ रहे है वह हमारे साथ ही घटित हो रहा है जितना हम पढ़ते है उतना सीखते है आज हम जो कुछ बस उन किताबों की वजह से ही तो है एक - एक पन्ने की ज्ञान का खजाना ही तो भरा है ।

दिमाग का अभ्यास
किताबें पढ़ने से दिमाग का अभ्यास होता है और जाहिर सी बात है जब दिमाग का अभ्यास होगा तो दिमाग स्वस्थ भी रहेगा ।

तनाव कम होता है
तनाव को दूर करने के लिए पढ़ना एक असरदार तरीका है, क्योंकि जब अाप एक अच्छी स्टोरी को पढ़ने पर ध्यान लगाते है पढ़ते वक्त हम कल्पनाएँ करने लगते है कल्पनाओं में रहने की वजह से तनाव कम होता है ।

बेहतर नींद में मदद
जब आप किताब पढ़ते है तो इससे आप आराम महसूस करते है और कभी कभी पढ़ते हुए सो जाते है  वास्तव में इलेक्ट्रॉनिक्स की कृत्रिम लाइट आपके दिमाग को संकेत देती है कि अभी जागने का समय है ।

याददाश्त मजबूत
जब आप कोई क्टोरी पढ़ते है तो अापका दिमाग कहानी के सभी कैरक्टर, सारी घटनाओं और कहानी के प्लॉट को याद रखता है। इससे दिमाग का अभ्यास होता और याददाश्त मजबूत होती है ।

शांत और संयमित
जब आप पढ़ते है तो रिलैक्स फील करने के अलावा आपके अंदर एक तरह की शांति और सुकून का भाव पैदा होता है।

एकाग्रता बढ़ती है
जब आप पढ़ रहे होते हैं तो आपका ध्यान एक ही तरफ केंद्रित होता है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है। ध्यान किसी दूसरी जगह नहीं भटकता है ।

प्रेरणा का स्रोत
एक स्टडी में यह बात सामने आई कि 60 फीसदी लोगों का मानना है कि पढ़ने से उनके जीवन में कुछ बेहतर करने की भावना उत्पन्न होती है, जिससे उनके अंदर बहुत बड़ा बदलाव आता हैं।

शब्द भंडार बढ़ता है
पढ़ने से ज्ञान के साथ-साथ शब्द भंडार भी बढ़ता है। पढ़ने के दौरान आपके सामने कई शब्द आते हैं जो आपके दिमाग में स्टोर हो जाते हैं और खुद से आपकी स्पीच का हिस्सा बन जाते हैं जो पेशे से आपके लिए फायदेमंद साबित होते हैं ।

विश्लेषण क्षमता
जब आप किताब पढ़ते हैं तो अापके अंदर अंत में क्या होगा जानने की इच्छा महसूस होती है, जिससे आपकी क्रिटिकल थिंकिंग और ऐनालिटिकल स्किल्स बढ़ता है।


आज का समय बदल रहा है पहले की तरह लोग हाथों में किताब लेकर बैठकर पढ़ना पसंद नही करते है किताबों की जगह मोबाइल लेता जा रहा है हर दिन आधे घंटे के लिये जरुर किताब पढ़नी चाहिये। हमारे समक्ष ढेर सारी किताबे है रोज़गार प्राप्त करने वाली ,  मनोरंजन के लिए पुस्तकें ,सूचनाएँ प्राप्त करने के लिए पुस्तक, सामान्य ज्ञान बढाने ,जीवन शैली के लिए पुस्तक ,विभिन्न उपन्यास और पत्रिकाएँ उपलब्ध है । हमें
पुस्तकें पढ़ना ही चाहिए ।


विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं


6 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (24-02-2017) को "सुबह का अखबार" (चर्चा अंक-2891) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Pravesh Soni ने कहा…

बहुत अच्छी बात पुस्तकों को पढ़ने से सम्बंधित

कोपल कोकास ने कहा…

जी प्रवेश जी धन्यवाद बहुत जरुरी है पुस्तकें पढ़ना

BUDDHI LAL PAL ने कहा…

अच्छी सुंदर बात बधाई

राजेश अग्रवाल ने कहा…

अध्ययन के लिए कई तरह के डिजिटल साधन होने के बावजूद छपी हुई किताबों को हाथ में लेकर पढ़ने का अनुभव अलग ही होता है। सचमुच इनसे बेहतर मित्र कोई दूसरा नहीं हो सकता।

कोपल कोकास ने कहा…

राजेश आपने बहुत सही कहा किताब हाथ में लेकर पढ़ना एक अलग ही अनुभव है जो मोबाइल और डिजिटल साधनों से नहीं मिल सही सकता है

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