कम खर्च वाला विवाह करिये आदर्श जोड़ी बनिएँ

                 
                     किसी भी जोड़े के एक दूसरे को पसंद करने के बाद विवाह बंधन में बंधने से पहले एक रस्म निभाई जाती है वो है रिंग सेरेमनी, सगाई, मंगनी जाने कितने सारे नाम है इस रस्म के क्या आपको लगता है लगता है कि ये रस्म किसी भी जोड़े के लिए जरूरी रस्म होती है मेरे ख्याल से नही क्योंकि आज का समय ऐसा है की लड़का और लड़की दोनों यदि नौकरीपेशा है तो अगर वे कहीं दूसरी जगह काम करते हैं तो उन्हें छुट्टी की समस्या रहती है ऐसे में इस रस्म को अदा ना किया जाए तो बेहतर है । बात आती है रिश्तेदारों कि वो क्या सोचेंगे पहली बात तो ये अगर लड़का लड़की यह बात तय कर ले की हम सीधा विवाह के बंधन में बंधेगे सगाई जैसी रस्म नहीं करेंगे तो मुझे नहीं लगता है की कोई भी रिश्तेदार कुछ कहेगे । जीवन आपको बिताना है उन्हें नहीं क्योंकि वे तो शादी सगाई में आएंगे शादी की पूरी रस्म हो गई बस वे सूटकेस उठाकर वापस चले जाएंगे पर पति पत्नी बने जोड़े तमाम चीज़ो को लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे फिर अगर वे सगाई करेंगे तो उसमें भी पैसे लगेंगे औऱ वहीं पैसे आगे जीवन में उन्हें काम आएंगे ।

              अगर हर लड़का और हर लड़की ये प्रण ले की हम सगाई ना करेंगे बल्कि सीधे साधे तरीके से शादी करेंगे जितनी जरूरत होगी उतने ही खर्च करेंगे क्योंकि उन्हें जीवनभर एक अच्छा जीवन बिताना है जिसमें कई सारे उतार चढ़ाव अच्छे बुरे दिन आएंगे । पर होता यही है की हम ढेर सारे खर्च वाली शादी करते हैं । मैं आज की युवा पीढ़ी को सिर्फ इतना ही सन्देश देना चाहूंगी की किसी की ना सुनिए की कोई आपसे आकर ये कहेगा कि बेटा शादी में पूरे रस्म रिवाज करो , तो मत सुनिये क्योंकि करना आपको है उन्हें नहीं । 
               
               
                       जिस दिन हर युवा के मस्तिष्क में ये बात स्थान बना लेगी की शादी जरूर एक दिन का उत्सव होती है पर ये बात सिर्फ एक दिन की नहीं होती है ये जीवनभर की बात है जिसे हम एक अच्छी गृहस्थी कहते हैं जो पति पत्नी के विवाह करने के बाद शुरू होती है । ये आप पर निर्भर करता है कि आप इसे एक दिन का उत्सव बनाना चाहते हैं या जीवनभर का ।
ये पैसे जो बेवजह के ख़र्च होंगे वे जीवनभर काम आएंगे अपने शौक पूरे कीजिए मैं इस बात का विरोध नहीं कर रही हूं की अपने शौक को दबा दीजिए क्योंकि अरमान सपने सिर्फ एक लड़के लड़की के नहीं होते बल्कि माता पिता के भी होते हैं ।
                   एक सुखमय जीवन की शुरुआत करना है जो एक अच्छे पति पत्नी के रिश्ते की पहचान है । आज का समय यही है की कम समय कम खर्च में शादी करे पहले जैसा समय अब नहीं है की शादी ब्याह का उत्सव हफ्ते तक मनाया जाए । आज तो 2 या 3 दिन में शादी हो जाती है ना रिस्पेशन करें अलग से बहुत सी जगहों पर शादी के बाद रिस्पेशन भी अलग से दिया जाता है मैं कहूंगी की अब लड़का और लड़की के परिवार एक होने जा रहे हैं तो उनमें इतना अपनापन तो आ ही जाता है कि वे एक जगह पर बैठकर इस विषय पर बातचीत कर सकते हैं कि शादी के बाद रिस्पेशन ना किया जाए शादी के दिन ही दोनों परिवारों के सभी रिश्तेदार एक जगह सम्मानित हो जाए तो फिर जरूरत नहीं होती है रिस्पेशन जैसी रस्मों की । 

              होता तो यही है की हर युवा सिर्फ अपने मन में सोचता है की हम कम खर्च कम दिखावे वाली शादी करेंगे पर सिर्फ सोचने से कुछ नहीं होता है उसे अमल भी करना चाहिए । क्योंकि हम में से बहुत सारे युवाओं पर दबाव डाला जाता है रिश्तेदारों का , मित्रों का , घर के लोगों का अरे बेटा अगर कम खर्च वाली शादी करेंगे तो लोग क्या कहेंगे की अरे देखो भाई इन लोगों ने इतना कम खर्च किया ये नहीं रखा वो नहीं रखा । ऐसा करना था वैसा करना चाहिए था । लोगों की सोचना औऱ सुनना छोड़ दीजिए क्योंकि ये तब भी कहेंगे जब आप कुछ अच्छा करेंगे और तब भी कहेंगे जब आप कुछ नहीं करेंगे शादी आप कर रहे हैं दुनिया के लोग नहीं की आप हर व्यक्ति की सुनते रहे क्योंकि मान लीजिए कि आपने खूब खर्चीली शादी कर ली अब कल आने वाले वक़्त में रुपयों की जरूरत पड़ती है तब आपके पास ये नहीं होते है हो सकता है यही पति पत्नी की आपसी लड़ाई की विषय बन जाए क्योंकि तब आपको ही अपने दम पर कम खर्च में गुज़ारा करने होंगे, आप दोनों को ही एक साथ मिलकर इन सब मुश्किलों से निकलना होगा तब वे ताने मारने वाले लोग नहीं आएंगे आपकी मदद करने आपको समझाने के लिए । इसलिए दोनों जीवनसाथी मिलकर यह फैसला ले की हमें जीवनभर एक अच्छा सुखद जीवन बिताना है और अपने विवाह के बन्धन को अपनी जोड़ी को दुनिया के समक्ष एक मिसाल के रूप में पेश करना है । कोर्ट मैरिज एक और अच्छी सोच है आजकल तो सभी जगहों पर कोर्ट मैरिज के एविडेंस की जरूरत होती है ऐसे में लड़का लड़की ये प्रण ले की हम कोर्ट मैरिज करेंगे और एक सिंपल सा रिस्पेशन देंगे तो वाकई इससे ज्यादा आदर्श विवाह नहीं होगा हर जोड़ा ये कहता है की हमारी जोड़ी हमारा प्रेम हमारा विवाह एक मिसाल है तो उसे इस रूप में सीधे साधे तरीके विवाह करके मिसाल बनाइये ।

2 टिप्पणियाँ:

smt. Ajit Gupta ने कहा…

अब तो प्री-वेडिंग शूटिंग भी हो रही है।

कोपल कोकास ने कहा…

हां आज यही प्रचलन है जिनको करना होता है वे करते हैं पर इसमें भी पैसो की बर्बादी हालांकि खुशी अवश्य मिलती है जोड़ो को पर वे स्वयं के कैमरे से भी शूटिंग कर सकते हैं ।

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