पढ़े अखबार पर विचार



अखबार अखबार अखबार
रोज दहलीज पर पड़ा
खबरों में लिपटा हुआ
चाय की चुक्सियो संग
दिन की शुरुआत कराता अखबार
सारे दिन का पढ़े समाचार
हर वार आता अखबार
सारे जहां को जोड़ता अखबार
ना पढ़े तो हो जाए दिन बेकार
हर मौसम आता अखबार
तमाम भावनाओं का साथी
अखबार अखबार अखबार



Slogan 1: अख़बार हमारे ज़िन्दगी का हिस्सा, जो खबर दे एक व्यक्ति जैसा
Slogan 2: पढने की हो अगर कोई चाहत, अखबार उठाये देगा यह राहत
Slogan 3: आप ज़िन्दगी को खास बनाये, रोज अख़बार पढने की आदत बनाये
Slogan 4: है अख़बार जब हाथ में आता, देश दुनिया की यह खबर पहुंचाता
Slogan 5: ज्ञान उसका हर रोज बढाये, अख़बार पढने का जो नियम बनाये
Slogan 6: न्यूज़पेपर है हम सबकी जान, खबर देता और रखता है मान
Slogan 7: सुबह सुबह जो रोज है आता, हर दिन रोज नयी खबर लाता
Slogan 8: न्यूज़पेपर जिसका नाम है, यह जानकारी का भंडार है
Slogan 9: जब हर खबर की पोल है खुलती, तभी सच्ची खबर हमें पढने को मिलती
Slogan 10: हर दिन बेहतर बनाता है, अख़बार जब पढने को मिल जाता है
Slogan 11: जैसे अच्छी खबर यह देता है, वैसे ही बुरी खबर भी देता है
Slogan 12: खबरों का है यही बाजार, साइकिल की घंटी मतलब आया अखबार


5 टिप्पणियाँ:

Jyoti Khare ने कहा…

अखबार का अर्थपूर्ण प्रयोग
बढ़िया प्रस्तुति
बधाई

कोपल कोकास ने कहा…

धन्यवाद खरे अंकल जी

RADHA TIWARI ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (12-02-2018) को "प्यार में महिलाएं पुरुषों से अधिक निडर होती हैं" (चर्चा अंक-2876) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
राधा तिवारी

Jyoti Dehliwal ने कहा…

अखबार के स्लोगन बहुत ही अच्छे लगे।

कोपल कोकास ने कहा…

धन्यवाद ज्योति जी

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