हम सब हो साक्षर पर कुछ सवाल जवाब

       
          आज लोगों का पढ़ लिख कर साक्षर होना बहुत जरूरी है ताकि हर व्यक्ति पढ़ लिखकर आगे बढ़ सके और कुछ बनकर अपना पेट पाल सकें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए साक्षर होना क्यों जरूरी है
        आज भी बहुत सारे ऐसे लोग है जिन्हें पढ़ना लिखना नहीं आता है साक्षर होने के लिए उनके मस्तिष्क में कुछ सवाल होंगे जो वे किसी व्यक्ति से पूछना चाहते है
        मैंने अपने कॉलेज के एक विषय हम सब हो साक्षर पर एक डॉक्टर उरगांवकर से जो साक्षरता अभियान से कई वर्षो से जुड़े है उनसे कुछ सवाल किये थे ताकि उनके इन जवाबों से एक व्यक्ति के साक्षर होने की मुश्किलें दूर हो सके

आइये जानते है वे सवाल कौन से है -

        1  कोपल - डॉ उरगांवकर जी आपका हमारे कार्यक्रम हम सब हो साक्षर में स्वागत है डॉ कई वर्षो से साक्षरता अभियान से जुड़े हुए है उनका इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है आज आप हमें साक्षरता क्यों जरूरी है के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे ?

  • डॉ उरगांवकर - धन्यवाद आपने हमें इतना स्वर्णिम अवसर दियया ताकि हम लोगों को यह जानकारी प्रदान कर सके


       2  कोपल - डॉ साहब आपका साक्षरता से क्या तात्पर्य है ?

  • डॉ उरगांवकर - साक्षरता का अर्थ है जागरूकता , अपनी स्थिति के कारणों को जानना , बदहाली के कारणों को समझना और उन्हें दूर करने की कोशिश करना



      3 कोपल - डॉक्टर साहब ये बताइए अगर एक व्यक्ति निरक्षर है तो उसके निरक्षर होने से समाज में क्या -क्या नुक्सान होते है ?

  • डॉ उरगांवकर - व्यक्ति यदि निरक्षर है तो उसके निरक्षर होने से पढ़े -लिखे और अनपढ़ के बीच एक बहुत बड़ा अंतर उपस्थित हो जाता है निरक्षर व्यक्ति शैक्षणिक तकनीकी सामाजिक विकास में मुख्य धारा में शामिल नहीं हो पाता



       4  कोपल - सर आपके अनुसार एक व्यक्ति के साक्षर होने की क्या उम्र होती है ?

  • डॉ उरगांवकर - देखिये साक्षर होने की कोई उम्र नहीं होती है मनुष्य पालने से लेकर कब्र तक ज्ञान प्राप्त कर सकता है हालांकि हमारे देश में प्रौढ़ शिक्षा के अंतर्गत साक्षर होने की उम्र ४५ मानी गई है
 

        5  कोपल - सर ये बताइये की की साक्षरता व्यक्तिगत से प्रयासों से सम्भव है या सरकारी प्रयासों से ?

  • डॉ उरगांवकर - साक्षरता के लिए दोनों ही तरह प्रयास होने चाहिए व्यक्तिगत प्रयासों से मनुष्य साक्षरता के लिए एनी व्यक्ति को साक्षर होने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है किन्तु संसाधनों हेतु सरकारी सहायता आवश्यक है



        6  कोपल - सर साक्षर होने के क्या मापदंड है ?

  • डॉ उरगांवकर - साक्षरता का अर्थ केवल हस्ताक्षर कर लेना नहीं है साक्षर व्यक्ति को ठीक तरह से लिखना व् पढ़ना आना चाहिए जिससे वः प्रतिदिन के व्यवहार में आने वाली कठिनाइयों को दूर कर सके जैसे बस और रेल का नाम पढ़ सके , टिकट पढ़ सके , चिट्ठी , अखबार, किताबें पढ़ सके , वस्तु को पढ़कर समझ सके दूकान का नाम पढ़ सके



       7   कोपल - सर साक्षर और शिक्षित में क्या अंतर है ?

  • डॉ उरगांवकर - साक्षर व्यक्ति को केवल अक्षर ज्ञान होता है लेकिन शिक्षित व्यक्ति को सामाजिक आचार - विचार व् व्यवहार का ज्ञान होता है



        8    कोपल - साहब जी ये बताइये की बड़ो व् बच्चों के साक्षर होने में क्या अंतर होता है ?

  • डॉ उरगांवकर - बच्चों की उम्र सीखने की होती है गीली मिट्टी की तरह होते है उन्हें जिस रूप या आकार में ढालो वे ढल जाते है लेकिन प्रौढ़ व्यक्ति को साक्षर करना कठिन होता है कलम पकड़ते हुए हाथ कांपते है इसलिए बच्चों की तुलना में प्रौढ़ व्यक्ति को साक्षर बनाना कठिन होता है




      9    कोपल - प्रौढ़ व्यक्तियों की साक्षरता के लिए अलग पाठ्यक्रम क्यों होना चाहिए ?

  • डॉ उरगांवकर - प्रौढ़ व्यक्ति उम्र में बच्चों से बड़ा होता है  इसलिए उसे बच्चों की तरह अ,आ,इ,ई नही पढ़ा सकते इस तरह वह अपने  आपको अपमानित महसूस करता है इसलिए प्रौढ़ लोगो की साक्षरता हेतु कम समय में साक्षर बनाने की एकीकृत पाठ्यक्रम लागू किया जा सकता है



    10      कोपल - हमारे देश में साक्षरता हेतु अब तक क्या - क्या प्रयास हुए है ?

  • डॉ उरगांवकर - हमारे देश में १९८८ में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की स्थापना हेतु केरल व् पश्चिम बंगाल में सम्पूर्ण साक्षरता अभियान की शुरुआत की गई जिसमें शत - प्रतिशत सफलता प्राप्त हुई है



     11      कोपल -  सर आपके अनुसार महिला का साक्षर होना क्यों जरूरी है ?

  • डॉ उरगांवकर - महिला परिवार की नीवं होती है वः बच्चों को केवल जन्म ही नहीं देती है बल्कि वः उनका विकास भी करती है एक पढ़ी लिखी लड़की जब किसी नए परिवार में जाती है तो वः उस परिवार के लोगो को शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करती है इस तरह से परिवार से , समाज का , समाज से देश का विकास होता है इसलिए कहते है '' नारी पढ़ेगी तो भविष्य गढ़ेगी "



    12     कोपल - सर ये बताइये की किसी भी प्रदेश में साक्षरता अभियान संचालित करने के लिए कौन सी मुख्य रूप से आवश्यक है ?

  • डॉ उरगांवकर - साक्षरता अभियान ,संचालित करने के लिए प्रदेश के नागरिकों में जागरूकता ,राजनीतिक इच्छाशक्ति व् वातावरण निर्माण की आवश्यकता होती है



    13     कोपल - डॉ साहब क्या साक्षरता की तरह जनआन्दोलन व् जनभागीदारी से सारे विकास कार्य सम्भव है ?

  • डॉ उरगांवकर - जनआन्दोलन व जनभागीदारी का अर्थ है अपने अधिकार के लिए लड़ाई जब तक अपने अधिकारी के प्रति चेतना व्याप्त नहीं होगी तब तक जनआन्दोलन से विकास संभव  नहीं है लेकिन साक्षरता हेतु जनआन्दोलन एक महत्वपूर्ण कारक है




      14    कोपल - धन्यवाद डॉक्टर जी आपने आपने हमें इतनी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी आप यहाँ अपना कीमती समय लेकर आये धन्यवाद

  • डॉ उरगांवकर - धन्यवाद जी यह तो हमारा कर्तव्य है की हम आपको ऐसी जानकारियां दे सके



1 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (31-01-2018) को "रचना ऐसा गीत" (चर्चा अंक-2865) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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