आइये सीखें जूट से बैग बनाना


                      मैंने यह जब मैं बी.एड कर रही थी तब मैंने यह जूट से बैग बनाना सीखा था क्योंकि कि हमारे सब्जेक्ट्स में एक सब्जेक्ट क्राफ्ट का था जिसमें घर में बेकार पड़ी चीजों का उपयोग करके कैसे उनका यूज करके उनसे सुंदर घर को सजाने वाले और काम आने वाले आइटम बनाना सिखाया जाता था तो मैंने अपने क्राफ्ट में यह जूट का बैग और साटिन कपड़े से कुशन बनाना सीखा था दोनों आइटम बनाना बहुत ही आसान है ज्यादा मेहनत नहीं है और ना ही ज्यादा खर्चा होता है बीएस आपको कुछ सामान की जरूरत है अगर आपके पास है तो ठीक है नहीं तो आप मार्केट से भी ले सकते है सीखें बनाएं और घर सजाएं

तो मित्रों शुरू करते है बनाना जूट से बैग

बनाने के लिए सामान - जूट ,सूई , धागा , कोई भी एक रंग का ऊन

नोट - आप जितना बड़ा या छोटा बनाना चाहे उसके हिसाब से जूट चुने

इसे बनाने के लिए 2 दिन लगते है

बनाने का तरीका =

1 सबसे पहले जूट की चोटी गुथ लीजिए चोटी गुथने का आसान तरीका है या तो आप किसी किए हेल्प ले सकते है करना ये है आप सामने वाले व्यक्ति को बैठाकर उसके हाथ में जूट के ऊपर का सिरा दे दीजिए और आप बाक़ी दोनों खुले वाले हिस्सों को अपने हाथों में पकड़कर चोटी गुथते जाइए या आप अपने पैरो के अंगूठे पर बंद वाले सिरे को फंसा ले उसके बाद बाक़ी दोनों हिस्सों की चोटी बना लीजिए



2 आप जब चोटी बनाना शुरू करे तो एक बात ध्यान में रखें की चोटी का जो बंद वाला हिस्सा है उसे उप्पर से थोड़ा सा ही छोड़कर चोटी बनाना शुरू करना है और ज्यादा ढीली चोटी नहीं बनाना है



2 आप बैग का शेप देना चाहते है वैसा शेप बना ले मैंने गोल शेप लिया है



3 गोल आकार के शेप में चोटी को घुमाते जाइए और सूई धागे से अंतिम सिरे को सिल लीजिए



4 बैग साइज में बन जाने पर अंदर से कपड़ा लगाकर सिल ले




5 ऊपर ऊन से सजावट कर लीजिए आप चाहे तो इसमें जहां पर ऊन लगाया है वहां पर छोटे छोटे घुंघरू भी लगा सकते है

बेटी होती है ककड़ी की बेल बेटा होता है बांस का पौधा

 

         लम्बाई सबकी पर्सनालिटी का  एक महत्वपूर्ण हिस्सा है अगर आपके बच्चे की हाइट और वेट परफेक्ट हो लोग उसे कम हाइट या नाटा होने का ताना ना सुनाये तो अपने बच्चों की जीवनशैली औऱ आदतों में बदलाव करिए । क्योंकि हाइट खानपान , जेनेटिक्स औऱ हमारी दिनचर्या इन सब बातों पर निर्भर करती है । आज आप जानेंगे की अपने बच्चों की हाईट कैसे जल्दी बढ़ाए इनसे आपके बच्चों को फायदा होगा ।


एक बच्चे की हाईट कुछ बातों पर निर्भर करती है जैसे कि :-

मैंने बहुत से पैरेंट्स को ये कहते सुना है हमारी बेटी की हाइट नहीं बढ़ रही है या बेटा लम्बा नहीं हो रहा है औऱ उसकी हाइट बढ़ाने के लिए ना जाने कितने ट्रिक्स आजमाते रहते हैं औऱ बहुत परेशान रहते हैं पर आपको परेशान जरूरत नहीं है क्योंकि हाइट ना बढ़ पाने के पीछे बहुत से कारण होते हैं हर बच्चे के विकास की दर अलग अलग होती है कुछ लोगो की आदत होती है वे दूसरे के बच्चों हाइट को देखकर अपने बच्चे की हाइट के साथ कम्पेयर करने लगते हैं जो बहुत गलत है इससे उनके स्वंय के बेटे या बेटी हीन भावना से ग्रसित हो जाते हैं ।
  • जो बच्चे बढ़ रहे है उनमें बहुत सारे शाररिक , मानसिक औऱ हार्मोनल चेंजेस होते हैं बच्चों की लंबाई सिर्फ 18 साल से उनके 20 साल होने तक ही बढ़ती है ।

  • लम्बाई बढ़ने के लिए ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन यानी कि एचजीएच का काम होता है ये हार्मोन पिट्यूटरी ग्लैंड से निकलता है ।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की माने तो 1 से 3 साल की उम्र के बच्चे को रोजाना 700 एमजी ,4 से 8 साल के बच्चे को 1000 एमजी, 9 से 18 साल के बच्चे को 1300 एमजी कैल्शियम रोज देना चाहिए ।

  • उनकी आदत बदले फिर हाईट बढ़ाए 

  • जो बच्चे बढ़ रहे हैं उन्हें कम से कम 10 घण्टे की प्रोपर नींद जरूरी है बच्चों को रात में जल्दी सोने को कहे उनकी थकान मिटना जरूरी है आराम मिलेगा तो हाइट अपने आप बढ़ेगी ।

  • बच्चों के खानपान में चेंजेज करे जैसे उन्हें डाइट में बहुत सारा प्रोटीन दे प्रोटीन में अंडे , फिश ,सरसों आदि दे 

  • प्रोटीन के साथ उन्हें आयरन, कैल्शियम, विटामिन्स भी जरूर दे हरी सब्जियां , पत्तेदार भाजियां , डेयरी उत्पाद भी जरूर दे ।

  • पालक में कैल्शियम , फाइबर , विटामिन , आयरन बहुत होता है जिससे मांसपेशियों को ताकत मिलेगी औऱ हाइट भी बढ़ाएगी ।

  • ब्रोकली में विटामिन सी ,आयरन बहुत होता है जओ शरीर में खून बढ़ाने के साथ कैंसर से लड़ने में मदद करता है ।

  • बीन्स में बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो height harmons growth को बढ़ाते हैं ।

  • शलजम हाइट बढ़ाने वाले हार्मोन को बढ़ावा देने का काम करती है इसमें विटामिन , फाइबर ,प्रोटीन्स होते हैं इसे कच्चा व सब्जी बनाकर खा सकते हैं । 

  • गाजर खून ही नहीं बढ़ता बल्कि वह हाइट भी बढ़ाता है ।

  • रोज सोयाबीन बड़ी खाने से लम्बाई बढ़ेगी सोयाबीन में बहूत प्रोटीन होता है जो शरीर की मांसपेशियों ,औऱ टीशू केओ मजबूत करने का काम करता है ।

  • बच्चों को ज्यादा से ज्यादा आउटडोर स्पोर्ट्स एक्टीविटी के मोटीवेट करे उन्हें रोज खेलने के लिए घर से बाहर जरूर भेजे साइकिल चलाने, फुटबॉल, बास्केटबॉल, रस्सी कूदना, बैडमिंटन खेलना ये सब स्पोर्ट्स उनकी हाइट बढ़ाने में हेल्प करेगा ।

  • उन्हें अपनी बॉडी स्ट्रेचिंग , रनिग और हैंगिंग एक्सरसाइज कराएं ।

  • लम्बे होने के लिए योगा भी कर सकते हैं किसी भी योगासन को करने से पहले अच्छी तरह करने का तरीका देखे उसके बाद ही करे ।

अगर आपके बच्चे जिम जाते हैं तो वे लंबाई बढ़ाने के लिए कोशिश कर रहे हैं तो अपने ट्रेनर को यह बात जरूर बताएं कि वे ऐसा वर्कआउट ही कराएं जिससे हाइट बढ़े
बच्चों की हाइट वेट पर नजर जरूर रखें अपने डॉक्टर से मंथली वीकली चेकअप जरूर कराएं अगर आपको ऐसा लगें की बच्चे के विकास में कोई दिक्कत आ रही है त5 डॉक्टर को जरूर बताएं चेकअप से इसका पता चल जाएगा ।

  • बच्चों को बर्गर, पिज्जा , कोल्डड्रिंक जैसे फ़ास्ट फ़ूड से दूर रखें आप बच्चे को ब्राउन ब्रेड , अन्य आटों की रोटी दे सकती है ।

  • बच्चों की डाईट में विटामिन डी भी शामिल करें बच्चे को थोड़ी देर धूप में रहने के लिए कहे सूर्य की रोशनी मसल्स के विकास के लिए बहुत जरुरी होती है ।

  • बच्चों को गजेट्स जैसे कम्प्यूटर, मोबाइल , लैपटॉप, टबलेट से दूर रहने के लिए कहे इन मे बच्चों का टाइम वेस्ट होता है ।

  • जिंक शरीर को बढ़ाने में मदद करता है रिच फूड जैसे गेंहू , मूंगफली, केवड़ा , कद्दू को डाईट मे शामिल करें ।


लम्बाई बढ़ाने के लिए आप अपने बच्चों को कोई मेडिसिन ना दे क्योंकि हाइट नेचुरली बढ़ती है कोई दवाई कभी हाइट नहीं बढ़ा सकती है ये सब व्यर्थ की बातें हैं । कई बार बहुत कोशिश करने के बाद भी आपके बच्चों की हाइट नहीं बढ़ रही है तो यह जेनेटिक हो सकता है कि आपके जींस में ही कम हाइट है ।
इन फॉर्मलूस को अपनाए ।

एक दवाई है धैर्य रखें औऱ अपने बच्चे से धैर्य रखने के लिए कहे इससे बड़ी कोई दवाई नहीं इससे बेहतर कोई फॉर्मूला नहीं हाइट बढ़ाने के लिए ।

मार्शल आर्ट रहा है जिनका प्यार पढ़िये उनके एक से एक विचार

         
         बॉलीवुड के खिलाडी कुमार अक्षय कुमार जिन्होंने एक बढ़कर एक फ़िल्में की है जिनकी हर फिल्म अपने में आप में एक संदेश देती है अक्षय कुमार के हर रोल , हर सब्जेक्ट में उनकी मेहनत और उनके सफ़ल व्यक्ति का एक अच्छा उदाहरण हैं अक्षय कुमार ने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया की इन्सान अगर लगन और मेहनत से जीवन में जो चाहे वो आपको मिल सकता हैं। अक्षय कुमार मेरे भी पसंदीदा कलाकार मुझे उनकी फिल्मों में एक बात बहुत अच्छी लगती है वो ये की उनकी फिल्मों के विषय बहुत हटकर और कोई मैसेज देने वाले होते है | 
अक्षय कुमार के प्रेरणादायक विचार

1.मैंने कभी भी कोई ऐसी फिल्मे नहीं की है जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुचे, चाहे वो भारतीय हो या ना हो।
अक्षय कुमार
2. “हर एक औरत चाहती है कि उसका पति खाना बनाये।
अक्षय कुमार
3. “मैं आख़िरकार अब एक पति बन गया हूँ और मैं अब इसका हर पल का आनंद ले रहा हूँ।
अक्षय कुमार
4.खेल के लिए मेरा प्यार कभी नहीं मरेगा. मुझे मार्शल आर्ट से प्यार है और मैं उसे बढ़ावा देना चाहता हूँ जिस तरीके से भी कर सकूँ. मैं एक लड़ाकू पहले हूँ, अभिनेता बाद में.
                                                    अक्षय कुमार
5. मैं खाना इस लिए बना लेता हूँ क्योकि मेरा जीवन इसी पे निर्भर था जब मैं थाईलैंड में रहता था. या मैं खाना बनाना सीखता या भूखा रहना कैसा महसूस होता है ये. मैंने खाना बनाने को चुना.
                                                                    अक्षय कुमार
6. “मैं अपने प्रशंसकों के लिए हर साल कम से कम एक एक्शन फिल्म ज़रूर करूँगा, यह उनसे मेरा वादा है।
अक्षय कुमार
7.  “मैं खुश हूँ कि मात्र एक शुक्रवार के बजाय मेरी फ़िल्में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती हैं।
अक्षय कुमार

8. “मार्शल कला हमेशा मेरा पहला प्यार रहा है।
अक्षय कुमार
9. मैं हमेशा अपनी रस्सियों की जांच किसी भी स्टंट से पहले की है; मैं उन कारों का परिक्षण करता हूँ जिन्हें मुझे दौड़ना या उड़ाना होता है; आतिशबाजियों की सभी पूर्वाभ्यास में उपस्थित हु; और मैं सभी का क्रमवार तरीके से निरिक्षण करता हूँ. किसी भी आदमी को अपना जीवन किसी और के हाथ में नहीं सौपना चाहिए जबतक की उसने अपनी सुरक्षा सभी कोण से सुनिश्चित न कर ली हो.
10. पत्रकार मुझसे हमेशा पूछते है अक्षय क्या आप नंबर गेम में विश्वास करते है? मेरा सीधा जवाब होता है: मैं गिन नहीं सकता, इसी लिए मेरे निर्माता है और मुनीम जो मेरे लिए गिनते है. जब तक वे मेरी जिंदगी में है, मुझे नंबरों की चिंता करने की जरुरत नहीं है.
                       अक्षय कुमार
11. जब मैं 12 का था तो इंटों को हाथ से तोड़ सकता था.
                  अक्षय कुमार
12. मैं स्वाद लेता हूँ उस प्रशंसा और प्यार का जो मुझे मेरे प्रशंसकों से और परिवार में मेरे से बड़ों से मिलता है.
                  अक्षय कुमार
13. मैं कभी किसी फिल्म के बारे में दबाव नहीं महसूस करता हूँ. जो होना है वो होना है. मैंने सफलता और असफलता बहुत बार देख ली है.
अक्षय कुमार
14. “मैंने किसी फिल्म के बारे में कभी भी प्रेशर महसूस नहीं किया है, में हमेशा खुश ही खुश रहता हु।
अक्षय कुमार


15. “मैं देखता हु कि पिछले कुछ सालों में मैंने जिन्हें अपना दोस्त बनाया वे आज मेरा परिवार बन गए हैं, मेरे परिचित लोगों ने अपने अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है, उन्होंने मुझे प्रत्येक मुलाकात में कुछ न कुछ ज़रूर सिखाया।
अक्षय कुमार
16. जब आप बड़ी सफलता का स्वाद चखते है बड़ी असफलता का स्वाद चखने के बाद, तब बहुत राहत होती है.
अक्षय कुमार
17. “में खुश हु की एक अभिनेता के रूप में मेरे काम को पसंद किया जा रहा है, आज जब मेरी मेहनत को उचित स्थान है तोह मुझे इससे बहुत सुकून मिलता है।
अक्षय कुमार
18. “काम, काम है लेकिन मेरा परिवार जीवन के लिए हैं। यही है जो मेरे लिए सच में मायने रखता है।
अक्षय कुमार
19 काम; काम है, पर परिवार जीवन के लिए है. यही है जो मेरे लिए सच में माने रखता है.
अक्षय कुमार
20 . खाना बनाते समय मैं नियमों से नहीं चिपकता. मैं अपनी कल्पना पे निर्भर करता हूँ.
अक्षय कुमार
21. “मैंने कभी भी किसी कैंप या ग्रुप का भाग बनने में ट्रस्ट नहीं किया।
अक्षय कुमार

  

22. मैं सफलता का भूखा नहीं हूँ. मैं सिर्फ अच्छे काम का भूखा हूँ, और ऐसा ही ज्यादातर सुपरस्टार्स के साथ है. हर दिन मैं अपने आपको बताता हूँ की मैं कितना भाग्यशाली हूँ की मैं यहाँ हूँ जहा मैं आज हूँ.  

अक्षय कुमार

23 . ये मेरा लक्ष्य की युद्धकला को स्कुल में लड़कियों के लिए अनिवार्य कर दूँ. चीन में आपको युद्धकला में दो साल का प्रशिक्षण लेना होता है जिसके बिना आप एक स्नातक की डिग्री नहीं ले सकते


अक्षय कुमार
24 . कोई भी मेरे इतना करीब नहीं पंहुचा की वो मेरा इस्तेमाल या दुर्व्यवहार कर सके, और अगर वो पहुचे भी तो मैं इसके बारें में बहुत भावुक नहीं होता. मेरा परिवार एकलौती चीज है जिसके बारे में मैं कभी भावुक होता हूँ. मैं सभी के साथ दयालू हूँ पर मैं किसी पे भरोसा नहीं करता. ये मुझे चोट पहुचने से बचाता है.
अक्षय कुमार
25.  मैं खुश हूँ कि एक अभिनेता के रूप में मेरे काम को सराहा जा रहा है. आज,जब मेरे मेहनत को उचित स्थान मिलता है तो मुझे इससे काफी शुकून मिलता है.
अक्षय कुमार
26. युवावस्था एक जीवनशैली है; ये इश्वर का आशीर्वाद नहीं है. अगर हम अपने शरीरों के साथ ऐसे पेश आएंगे जैसे वो हमारी सबसे कीमती चीज हो तो स्पष्ट रूप से हम टूटे फूटे दिखेंगे. हम एक अच्छी जोड़ी जींस की तरह है. अगर हम उनकी देखभाल करते है, तो वो हमेशा क्लासिक बनी रहेगी, लेकिन अगर हम उन्हें कूटे और सही से इस्तेमाल करे तो वे एक फटे पुराने लत्ते की तरह लगने लगेगी

27. यह मुझे बहुत अनोखा लगता है कि 1940 के दशक में वापस जाकर उस पूरे युग को अपने कपड़ों, आवाज और भाषा के माध्यम से प्रदर्शित कर पाता हूँ. मैं बड़े लाइफ अभिनेता का रोल करते-करते अब थक गया हूँ.

28. मैं देखता हूँ कि पिछले कुछ वर्षों में मैंने जिन्हें अपना दोस्त बनाया वे आज मेरा परिवार बन गए हैं,अपने अपने जीवन में मेरे परिचित लोगों ने बहुत कुछ हासिल किया है, प्रत्येक मुलाकात में उन्होंने मुझे कुछ कुछ ज़रूर सिखाया.
Akshay Kumar अक्षय कुमार
29. मैंने अच्छा समय बिताया है थाई ग्रीन चिकन करी बनाने और खाने में.
30. ताली दोनों हाथों से बजती है. मैं पूरी तरह से अपने रिश्तों में क्या हुआ.इसके लिए खुद को दोषी नहीं ठहरा सकता.ये बातें खटास पैदा करती हैं, यदि ऐसा होता है तो दोनों पक्षों की वजह से न की सिर्फ मेरे कारण.


31.सुपरस्टार आते जाते रहेंगे. मैं ये सुनिश्चित करना चाहता हूँ की मैं हमेशा एक निर्माता का अभिनेता रहूँ. मैंने अच्छा कलाकार कहलाने को भले ही मना कर दिया होगा पर मैंने अपने जीवन में कभी भी अपने किसी निर्माता को समस्या में नहीं डाला है. इमानदारी हमेशा कैमरे में पकड़ी जाती है, और यही है जो मेरी शक्ति है.
अक्षय कुमार
32.हमेशा किसी film के लिए कुछ भी करने से पहले दो बार सोचे. ये करियर बदलने जैसा विचार लग सकता है, पर अपने परिवार और भविष्य के बारे में पहले सोच ले किसी भी तरह का जोखिम लेने से. अच्छी तरह से प्रशिक्षण ले, क्योकि मजबूत दिखना और मजबूत होना दो अलग बातें है.
अक्षय कुमार



रक्त मांस से बने नए जीवन का सफर

       
एक नया जीवन 
                   जब मैं बी.एच.एस सी यानी की होमसाइंस सब्जेक्ट पढ़ रही थी मेरे सब्जेक्ट में नये - नये विषय थे उनमें एक विषय था मानव विकास जो मुझे पढ़ना बहुत अच्छा लगता था हालांकि बाद में जब मैंने एम्.एस सी किया तो इसी मानव विकास विषय में ही किया ये विषय मुझे इसलिए पसंद आया क्योंकि हम वैसे तो अपने स्वयं के बारे में बहुत कुछ जानते है पर कौन सी प्रकियाओं से गुजरने के बाद वह एक पूरी तरह एक पूर्ण विकसित शिशु बनकर अस्तित्व में आता है और उस जीव का नया जीवन शुरू होता है वह तभी जान पाते है जब हम इसका अध्ययन करते है ऐसे ही मैंने एक शिशु जब माँ के गर्भ में होता है तब उसका किस तरह से विकास होता है और उस विकास की प्रकिया कैसी होती है सबके बारे में पढ़ा वैसे जानती तो हर माँ है अपने बच्चे की हरकत के बारे में पर छोटे - छोटे डिटेल वह नहीं जान पाती है या फिर और जो होमसाइंस के अलावा और भी कई सब्जेक्ट्स के स्टूडेंट होते है उन्हें भी जानना चाहिए कि एक नई जिन्दगी की शरुआत किस तरह होती है आज मैं आपको यहाँ बताने जा रही हूँ एक जीवन एक शिशु के पूरी तरह से वो शिशु बनता है

      1 मानव शिशु के जीवन की पहली अवस्था डिम्ब अवस्था होती है डिम्ब अवस्था को बीज की अवस्था भी कहते है इसकी अवधि निषेदन होने के दो सप्ताह तक होती है इस अवस्था में डिम्ब एक अंडे के जैसे होते है इसकी आंतरिक रचना में बहुत तेजी से जरूरी परिवर्तन होते है और अलग होने की प्रकिया के बाद वह बहुत सारे पार्ट्स में अलग हो जाता है जब निषेचित अंडाणु डिम्ब नलिका यानी fallopian tube से गर्भाशय में पहुंचता है तब तक यूटरेस में बहुत से बदलाव हो चुके होते है गर्भाशय की मोटी दीवार से यह अंडाणु चिपक जाता है यह प्रकिया रोपण कहलाती है
      2 यह दूसरी अवस्था पीरियड ऑफ़ embryo पिंड अवस्था - इसके बाद विकास की दूसरी जो अवस्था होती है वो गर्भाधान के बाद 14 दिन से शुरू होकर 2 महीने के अंत तक रहती है इसकी अवधि 6 हप्ते तक की होती है कोशिकाओं के बढ़ते हुए गुच्छे cluster को embryo कहा जाता है embryo का विकास बहुत तेजी से होता है यह गर्भाशय की अंदुरनी सतह से मजबूती से connecting tissue से जुड़ा होता है जिसे प्लेसेंटा गर्भनाल कहते है माँ के एक प्रवाह से बच्चे के लिए पोषण umblical cord से बच्चे तक पहुँचता है
  • दूसरे महीने तक embryo केवल 6 मी.मी . लम्बा रहता है बढ़ता हुआ जल्द ही एक द्रव पदार्थ की थैली से घिरने लगता है इसे उल्बतरल amniotic fluid कहते है यह एक गद्दी जैसा होता है जो छोटे - मोटे धक्को से बच्चे की रक्षा करता है अगर कभी माँ गिर भी जाएं तो यह फ्लूइड बच्चे को बचा लेता है बच्चे इस तरल पदार्थ में अपने जन्म लेने के ठीक पहले तक रहता है इस अवस्था में विकास तेजी से होता है और अंत तक गर्भ मानव की आकृति धारण कर लेता है
  • इम्प्लीमेंटेशन के बाद इसकी कोशिकाओं का जो समूह होता है वः स्वय को तीन परतों में बाँट लेता है और इन्ही तीन परतों में भ्रूण के समस्त अंग बनते है - 
  1.  बाहरी परत के माध्यम से त्वचा की बाहर की परत बाल, नाखून , दांत के भाग , त्वचा की ग्रन्थियां , सेंसरी सेल्स और नर्वस सिस्टम बनते है
  2.  बीच की परत के माध्यम से त्वचा की भीतर की परत , मांसपेशियां , अस्थि का ढांचा , रक्त परिवहन तंत्र और उत्सर्जन अंग बनते है
  3.  आंतरिक परत - इसमें सम्पूर्ण आमाशय आंत मार्ग की अंदर की दीवार , फेफड़े , यकृत , लार ग्रन्थियां , थायराइड ग्रन्थि , बाल ग्रन्थि , सांस की नली और कंठ बनते है
  • 18 दिनों में ही भ्रूण की आकृति बनने लगती है बच्चे की लम्बी आकृति स्पष्ट हो जाती है उसका अगला, पिछला , दांया ,बांया भाग एक सर दिखने लगते है तीसरे हफ्ते के अंत तक दिल का पहला विकास हो जाता है और धड़कना शुरू कर देता है
  • पहले महीने के अंत तक भ्रूण की आहार नलिका का प्रारंभ मुँह वाले हिस्से से होने लगता है यकृत बनने लगता है ह्दय ,सर और मस्तिष्क का विकास हो जाता है 8 - 9 हफ्ते तक भ्रूण की लम्बाई एक इंच हो जाती है
  • चेहरा , मुँह ,आँखे , कान एक अच्छा रूप और आकार धारण कर लेते है बांहे , पैर और हाथ में ठूंठ जैसे उंगलिया भी दिखने लगती है इस अवस्था में शिशु में sex organs बनने शुरू होते है मांसपेशिया , नर्म अस्थियाँ भी बनने लगती है पर तंत्रिका तन्त्र क्रियाएं नहीं होती है शरीर के आंते म यकृत , अग्नाशय , फेफड़े इन सबका एक निशिचत आकार बन जाता है और ऐसा माना जाता है काफी हद तक ये काम करने लगते है जैसे यकृत लाल रक्त कणिकाओ बनाने लगते है

         3 अवस्था भ्रूण अवस्था यह अवस्था गर्भस्थ शिशु के विकास की सबसे अंत की अवस्था होती है यह                   अवस्था माता के गर्भधारण से बच्चे के जन्म तक रहती है गर्भ में पल रहा नया जीव अब embryo न                 कहलाकर fetus कहलाता है embryo अर्थात भ्रूण की अपरिपक्व अवस्था और fetus अर्थात पूर्णत                      विकसित गर्भ को fetus कहते है
  • इस अवस्था में भ्रूण के शरीर जो पहले से विकसित होकर सुस्त थे अब पूरी तरह विकसित होकर अपना काम करना शुरू कर देते है 8 1/2 सप्ताह तक भ्रूण में कुछ हलचल देखी जा सकती है जैसे फ्लूइड में तैरना इस अवस्था में भ्रूण स्पर्श के प्रति प्रतिकिया करने में समर्थ होता है धड़ झुक सकता है हाथ फ़ैल सकते है 
  • तीसरे महीने के अंत तक भ्रूण करीब 3 इंच लम्बा 3/4 आउंस वजन का हो जाता है वह अब मानव आकृति से मिलने लगता है पर शरीर के अनुपात में सिर अभी भी बड़ा होता है , मांसपेशिया अच्छी तरह विकसित हो जाती है हाथ पैर की गति देखी जा सकती है आँखों की पलकें नाखून बनना शुरू हो जाते है तंत्रिका तन्त्र अभी भी अपूर्ण रहता है
  • सोलाह सप्ताह के अंत तक माँ भ्रूण के मोवमेंट को महसूस कर सकती है इस समय लगभग 4 1/2 इंच लम्बा होता है उसके सर और शरीर पर बाल दिखने लगते है मुँह फैला व खोल बंद कर  सकता है और चूसन कर सकता है आँखे झपका सकता है पलकें आपस में कसकर जुडी रहती है हाथो में पकड़ने और बंद करने की क्षमता आ जाती है
  • आंठ्वे सप्ताह के अंत प्रजनन तन्त्र विकास होने शुरू हो जाते है बीस सप्ताह पाँच महीने के बाद त्वचा एक व्यस्क जैसा रूप लेने लगती है त्वचा के नीचे वसा जमने लगती है बाल ,नाखून स्पष्ट दिखने लगते है पसीने की ग्रन्थिया बन जाती है
  • चौबीस सप्ताह 6 महीने में आँखे पूरी तरह बन जाती है और जीभ पर स्वाद की कलिकाएँ दिखने लगती हिया इस अवस्था में लात मारना , प्रहार , और धक्का मारने जैसी क्रिया करने लगता है यह इसलिए क्योंकि वह खाली जगह को भरना शुरू कर देता है वः अब तेजी से बढ़ रहा है उसकी गतियाँ माँ को अनुभव होती है
  • सातवे माह में वह 15 इंच और वजन 2 पाउंड हो जाता है हर सप्ताह शिशु के जीवित रहने के अवसर बढ़ते जाते है और जीवित रहने के अवसर उसके वजन पर असर होने लगते है
  • आंठ्वे माह में fetus लगभग 17 इंच लम्बे और 4 - 5 पाउंड वजन के हो जाते है इस अवस्था में premature birth हो जाए तो शिशु के जीवित रहने की सम्भवना अच्छी रहती है पर उसे विशेष देखभाल की जरूरत होती है
  • आंठ्वे माह में शिशु के सिर के बाल अच्छे घने मोटे हो जाते है पर कुछ बच्चे गंजे ही रहते है त्वचा में वसा का जमाव बढ़ता जाता है जो बाद में त्वचा की झुर्रियों को दूर करता है शिशु में आवाजों के लिए सम्वेदना का विकास हो जाता है वह तेज आवाज होने पर चौंक सकता है और झटका लग सकता है इसे माँ अनुभव कर सकती है
  • इस अवस्था में अजन्मा शिशु अंगूठा चूसना , खांसना , छींकना , उबासी लेना , हिचकियाँ लेना जैसी चकित करने वाली क्रियाएं करता है यहाँ तक की बच्चा जन्म के पहले रो भी सकता है
  • नौवे महीने में शिशु का वजन बढ़ जाता है वह भर जाता है और उसकी झुर्रीदार त्वचा में बदलाव हो जाता है शिशु पूरी तरह चिकनाई वाले पदार्थ से ढका होता है कुछ इसे जन्म के पहले ही छोड़ देते है या ये हट जाता है
  • नौवे माह की शुरुआत में फीटस की लम्बाई 18 -19 इंच हो और वजन 6 पाउंड हो जाता है गर्भावस्था के अंतिम सप्ताह में शिशु जो वजन ग्रहण करता है वो उसे जन्म के समय शरीर की गर्मी बनाये रखने में मदद करता है
  • नौवे माह के अंत तक शिशु की लम्बाई ५१ सेमी या 20 इंच वजन 3.3 किलोग्राम या 7 पाउंड होता है वह माँ से रोगों से लड़ने की क्षमता और बीमारियों और संक्रमण से लड़ने के लिए अपनाता है
  • नौ माह जब पूरे हो जाते है तब शिशु का सिर नीचे की ओर हो जाता है उसका सिर माँ की पेल्विस में स्थिर हो जाता है इसे हेड फिक्स होना कहते है यह बच्चे के लिए सबसे आराम वाली कंडीशन होती है और माँ की डिलेवरी के लिए सरल सुर सुरक्षित स्थति है अब उसकी क्रियाएं कम हो जाती है अब अब नौ महीने पूरे होने शिशु जन्म लेने के लिए पूरी तरह तैयार है

तो इन सब प्रकियाओं को पूरा करने के बाद एक शिशु एक जीव के अपने अलग एक नए जीवन की शुरुआत होती है  

गुब्बारे रंगों के गुब्बारे

         
रंगों वाले गुब्बारे
हवा में उड़ते हुए गुब्बारों को देखकर हर इंसान की अपनी अलग सोच होती है नजरिया अलग होता है कोई कुछ सोचता है कोई कुछ कुछ ऐसे ही मैंने गुब्बारों पर अपनी सोच से अपने मन की कल्पना से एक कविता लिखी है
कितने सारे रंगों के गुब्बारे होते हैं औऱ हर रंग अपने बारे में अलग ही बात कहता है ।




! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ मिलन के गुब्बारे
कुछ लगन के गुब्बारे
कुछ बातों के गुब्बारे
कुछ मुलाकातों के गुब्बारे
कुछ इन्तजार के गुब्बारे
कुछ प्यार के गुब्बारे
कुछ त्यौहार के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ रूठने के गुब्बारे
कुछ मनाने के गुब्बारे
कुछ उमंगो के गुब्बारे
कुछ तरंगों के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ नादानी के गुब्बारे
कुछ छेड़कानी के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ अपनेपन के गुब्बारे ।
कुछ दीवानेपन के गुब्बारे
कुछ सवालों के गुब्बारे
कुछ जवाबो के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ वादों के गुब्बारे
कुछ यादों के गुब्बारे
हवा की उड़ान के गुब्बारे
कुछ मुस्कान के गुब्बारे
कुछ थकान के गुब्बारे
कुछ दर्द के गुब्बारे
कुछ दवा के गुब्बारे
!गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ सपनो के गुब्बारे
कुछ अपनों के गुब्बारे
कुछ मोहब्बतों के गुब्बारे
 कुछ सोहबतों के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ दिन के गुब्बारे
कुछ रात के गुब्बारे
कुछ वक्त के गुब्बारे
कुछ राह के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ लाल के गुब्बारे
कुछ नीले के गुब्बारे
कुछ हरे के गुब्बारे
कुछ पीले के गुब्बारे
कुछ गुलाबी के गुलाबी
! गुब्बारे रंगों के गुब्बारे !
कुछ मेरे रंगो के गुब्बारे
कुछ तेरे रंगों के गुब्बारे
कुछ हमारे रंगों के गुब्बारे
कुछ साथ के गुब्बारे
! गुब्बारे रंगो के गुब्बारे !